पटना, जेएनएन। बिहार विधानमंडल के मॉनसून सत्र की कार्यवाही आज दो दिनों के अवकाश के बाद दोबारा शुरू हुई। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात की। विधानमंडल की कार्यवाही के दौरान सबकी निगाहें तेजस्वी यादव पर टिकी रहीं। दरअसल, विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी के सदस्यों से सार्थक विमर्श की अपील का असर मानसून सत्र के सातवें दिन सोमवार को दिखा। सत्र की कार्यवाही शांतिपूर्ण तरीके से चली। चालू सत्र में यह पहला मौका था जब विपक्ष ने कोई शोर-शराबा नहीं किया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की मौजूदगी में पूरा विपक्ष शांतिपूर्वक कार्यवाही में हिस्सा लिया। प्रश्नकाल भी चला और अनुदान मांगों पर वाद-विवाद भी हुआ। माना जा रहा था कि तेजस्वी यादव की मौजूदगी में विपक्ष सत्ता पक्ष पर हमलावर हो सकता है। तेजस्वी यादव करीब आधे घंटे तक सदन में बैठे। 

विधानसभा में विपक्ष ने लगाया सत्तापक्ष पर आरोप

बिहार विधानसभा की कार्यवाही में प्रश्नोत्तर काल शुरू होने के बाद विपक्ष ने डाटा एंट्री ऑपरेटर का वेतन नियमित करने का मामला उठाया। कांग्रेस विधायक शकील खान ने सवाल पूछा, जिसका उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने जबाब दिया और बताया कि एक महीने के अंदर वेतन भुगतान किया जाएगा।

विधानसभा में कानून की समस्या पर सवाल उठाते हुए राजद विधायक आलोक मेहता ने सवाल पूछा- सरकार के दावों के बाद भी अपराध है निरंकुश, आधुनिक संसाधनों के लिए सरकार क्या कर रही है? इस सवाल पर मंत्री विजेंद्र यादव ने कहा कि कांड का उद्भेदन लगातार किया जा रहा है। लचर पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई भी हुई है। पुलिस को आधुनिक बनाने पर काम हुआ है। पहले की अपेक्षा अपराध में कमी आयी है।

कांग्रेस ने पूछा सवाल 

इसके बाद कांग्रेस नेता प्रेमचन्द्र मिश्रा ने जलजमाव और सड़कों की खुदाई पर कहा कि पिछले 13 साल से बिहार में बीजेपी के हैं नगर विकास मंत्री और अभी तक जलजमाव का स्थायी उपाय नहीं निकाल सके हैं। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे प्रोजेक्ट में भी गोलमाल है। पीएमसीएच में डॉक्टरों की मनमानी चल रही, एचओडी की निजी कंपनी से सांठगांठ चल रही है। सरकार की मिलीभगत के कारण ऐसा हो रहा है। 

मंत्री ने दिया जवाब

नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा ने राजधानी में जलजमाव को लेकर कहा कि एक साल में पटना पूरी तरह जलजमाव से मुक्त हो जाएगा। जलजमाव से जुड़ी योजनाओं पर काम हो रहा है। नमामि गंगे को लेकर खुदाई और गड्ढों पर कहा कि कंपनी को जल्द गड्ढा भरने का दिया है निर्देश। 

बाहर में हुआ हंगामा 
हालांकि सदन के बाहर विपक्ष ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायकों ने लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के मुद्दे पर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। भाकपा माले के विधायकों ने विधानसभा परिसर में मंहगाई को लेकर राज्य और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। राजद ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर राज्य सरकार को विफल करार दिया और नीतीश कुमार से बिहार नहीं संभल रहा है। उन्हें सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। राजद विधायक आलोक मेहता ने अपराध के मुद्दे पर सदन में भी सरकार को घेरने की कोशिश की। गृह विभाग से संबंधित एक सवाल का जवाब देते हुए प्रभारी मंत्री बिजेंद्र यादव ने बताया कि प्रदेश में अपराध में निरंतर कमी आ रही है। भ्रष्ट, सुस्त और लापरवाह अधिकारियों की शिकायतें आने पर तत्परता से कार्रवाई भी की जाती है। विपक्षी सदस्यों के पास अपराध से संबंधित अगर कोई सलाह-सुझाव है तो वह सरकार को दें, अमल होगा। 

प्रदेश में अभी नहीं बनेंगे नए जिले

बिहार में फिलहाल जिलों की संख्या नहीं बढ़ेगी। रोसड़ा एवं बसंतपुर को जिला बनाने के संबंध में सोमवार को विधानसभा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में राज्य सरकार ने साफ कहा कि अभी उसके पास कोई ऐसा प्रस्ताव नहीं है। विधायक सत्यदेव प्रसाद सिंह ने बसंतपुर और डॉ. अशोक कुमार ने रोसड़ा अनुमंडल को जिला बनाने की मांग की थी। दोनों ने कहा कि बसंतपुर और रोसड़ा जिला बनने की सारी अर्हताएं पूरी करते हैं। सवालों का जवाब देते हुए प्रभारी मंत्री बिजेंद्र यादव ने बताया कि नया जिला बनाने के लिए कोई मानक तय नहीं है। इसके लिए उपमुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक कमेटी बनी हुई है, जो प्रस्तावों पर जरूरत के हिसाब से विचार करती है। सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। सदस्यों को यह समझ लेना चाहिए विकास के लिए जिला बनाना कोई जरूरी नहीं है। राजेंद्र कुमार के एक सवाल के उत्तर में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री फिरोज अहमद ने बताया कि प्रखंड स्तर पर अल्पसंख्यक छात्रावास की व्यवस्था नहीं है। 

नियमावली में संशोधन 
बिहार सहकारी सोसाइटी नियमावली-1959 में संशोधन करते हुए अब किसी निबंधित सोसाइटी के सदस्य को सजायाफ्ता होने पर ही पद से हटाया जा सकता है। अभी तक न्यायालय द्वारा संज्ञान लेने मात्र से ही सदस्यता खत्म कर दी जाती थी। नियमावली में संज्ञान की जगह पर सजायाफ्ता शब्द जोड़ा गया है। 

विधानपरिषद में राजद का हंगामा  
विधान परिषद की कार्यवाही शुरू होते ही सदन में सदस्यों ने जमकर हंगामा किया और बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर नारेबाजी की। विपक्षी दल स्वास्थ्यमंत्री मंगल पांडेय के इस्तीफा की मांग करते रहे। कांग्रेस इस नारेबाजी से दूर रही, जबकि राजद सदस्य लगातार नारेबाजी करते रहे। विधान परिषद की कार्यवाही शुरू होते ही सदन में राजद ने कार्यस्थगन प्रस्ताव दिया। सूबे में गिरती विधि -व्यवस्था पर राजद ने कार्यस्थगन प्रस्ताव दिया। राजद के सचेतक सुबोध राय ने लाया प्रस्ताव जिसे सभापति ने अस्वीकार कर दिया।

कब्रिस्तान मामले पर सीएम ने दिया जवाब

विधान सभा के मानसून सत्र में सोमवार को बिहार में कई कब्रिस्तान घेराबंदी का मामला उठाया गया। राजद विधायक यदुवंश कुमार ने कब्रिस्तान और दरगाह घेराबंदी मामले पर विधानसभा में सवाल उठाया, जिसका सीएम नीतीश ने जवाब दिया। सीएम नीतीश ने कहा कि कब्रिस्तान घेराबंदी के लिए सरकार की कोई कमिटी नहीं है। जहां भी विवाद है वैसे कब्रिस्तानों को चिन्हित किया गया है। इसकी डीएम और एसपी को जिम्‍मेवारी दी गयी है। कब्रिस्तान घेराबंदी के लिए सरकार ने सर्वेक्षण कराया है। इसके आधार पर 8 हज़ार 64 कब्रिस्तान की घेराबंदी की जा रही है। अभी तक 75 प्रतिशत कब्रिस्तान का घेराबंदी हो चुकी है, जबकि बाकी बचे काम को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है। 

Posted By: Kajal Kumari

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