पटना, जेएनएन। बिहार विधानामंडल के शीतकालीन सत्र का आज दूसरा दिन था। रविवार को कांग्रेसी नेताओं पर पुलिस के लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर सियासत चरम पर है। विपक्ष ने राज्य सरकार पर तानाशाह का इल्जाम लगाया और कहा कि बिहार में अब लाठी-गोली की सरकार नहीं चलेगी।

विधानपरिषद में कांग्रेस ने राजद के साथ मिलकर लाठीचार्ज के खिलाफ प्रदर्शन किया औऱ जमकर हंगामा मचाया। हंगामे के दौरान राजद और कांग्रेस के सदस्यों ने वेल में आकर प्रदर्शन किया औऱ जमकर नारेबाजी की।। इस मामले में कांग्रेस नेता प्रेमचंद मिश्रा ने कार्यस्थगन का प्रस्ताव दिया।

प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि पुलिस की लाठी कांग्रेस के वरीय नेताओं को लगी है, जिससे वो घायल हैं। प्रेमचंद्र मिश्रा के बयान पर सदन में मौजूद सुशील मोदी ने कहा कि कपड़े उतार के दिखाइए कहां चोट लगी है? इतना सुनते ही विपक्षी नेताओं ने जमकर नारेबाजी की और हंगामा मचाया। 

बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन विधानसभा अध्यक्ष के समझाने के बावजूद विपक्ष ने हंगामा और नारेबाजी बंद नहीं की, जिसे देखकर विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

सदन की कार्यवाही शुरू होने के पहले सदन के बाहर पोर्टिको में भाकपा-माले के सदस्यों ने एनआरसी के विरोध में विधेयक लाने की मांग करते हुए हंगामा किया। भाकपा-माले सदस्यों ने बिहार में एनआरसी लागू नहीं करने को लेकर सरकार से स्पष्ट करने की मांग की। व

हीं, बिहार में बढ़ते प्रदूषण पर काबू पाने के लिए कारगर कदम नहीं उठाये जाने को लेकर कांग्रेस के विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्रा मास्क लगा कर सदन पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए सरकार कुछ नहीं कर रही है।

साथ ही तेजस्वी यादव ने सदन में महाराष्ट्र का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आज देश में जनादेश का अपमान हो रहा है और लोकतंत्र की हत्या हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार आवाज उठानेवालों को लाठी-डंडे से दबाने का प्रयास कर रही है।

 

Posted By: Kajal Kumari

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