ऑनलाइन डेस्क, पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू यादव को शनिवार को रांची हाईकोर्ट ने जमानत दे दी। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू जेल से बाहर आने का रास्ता साफ होते ही राज्यसभा सदस्य सुशील मोदी हमलावर हो गए। ट्विटर पर उन्होंने लिखा कि लालू को जमानत मिलने पर उनके समर्थक यदि जश्न के बहाने सड़कों पर तेल पिलाई लाठी लेकर निकलेंगे, इस पर राजनीति करेंगे तो उन्हेंं कोरोना प्रोटोकोल तोड़ने की छूट नहीं दी जा सकती। रविवार को बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी पर लालू की बेटी रोहिणी आचार्या ने पलटवार किया है। ट्विटर पर उन्होंने एक फोटो साझा करते हुए लिखा, बहुत तकलीफ है न, काट लो।

 लालू की बेटी रोहिणी के द्वारा ट्विटर पर साझा की गई तस्वीर। 

लालू की जमानत दोषमुक्ति नहीं, जश्न का अवसर न बनाएं : सुशील मोदी

राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने शनिवार को ट्वीट कर कहा था कि लालू प्रसाद को जमानत मिलना उनके परिवार को सुकून देने वाला है, लेकिन उनके अतिउत्सााही समर्थक यदि जश्न के बहाने सड़कों पर तेल पिलाई लाठी लेकर निकलेंगे, इस पर राजनीति करेंगे तो उन्हेंं कोरोना प्रोटोकोल तोड़ने की छूट नहीं दी जा सकती। राजद को सुनिश्चित करना चाहिए कि पार्टी प्रमुख की रिहाई कानून-व्यवस्था की समस्या ना बने। मोदी ने कहा कि लालू प्रसाद को एक लाख के निजी बांड पर हाईकोर्ट ने उनकी सेहत को ध्यान में रखकर जमानत दी। वे कोर्ट की अनुमति के बिना न विदेश जा सकते हैं, न मोबाइल नंबर और पता बदल सकते हैं। राजद जमानत मिलने की कानूनी राहत को ऐसे पेश कर रहा है, जैसे हाईकोर्ट लालू प्रसाद को 1000 करोड़ के चारा घोटाला के अपराध से दोषमुक्त कर रिहा कर रहा हो।

रोहिणी के रोजा रखने पर हमलावर हुए थे सुशील मोदी

बता दें कि लालू यादव की जमानत के लिए बेटी रोहिणी आचार्या ने रोजा रखने की घोषणा ट्विटर पर की थी। इसपर सुशील मोदी ने कटाक्ष किया था। सुशील मोदी ने कहा था कि लालू प्रसाद यादव ना ठीक से हिंदू हो पाये, न इस्लाम की शिक्षा ग्रहण कर पाए। उन्होंने कहा था कि कोई भी धर्म गरीबों-दलितों को सताने की इजाजत नहीं देता। 

Edited By: Akshay Pandey