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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar: भाजपाइयों पर लाठीचार्ज के सवाल पर CM नीतीश ने अफसरों की ओर किया इशारा, ललन सिंह ने BJP से कर दी यह मांग

By BHUWANESHWAR VATSYAYANEdited By: Prateek Jain
Published: Sat, 15 Jul 2023 12:27 AM (IST)

Bihar जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने शुक्रवार को ट्वीट कर यह कहा कि वह भाजपा को यह चुनौैती ...और पढ़ें

भाजपाइयों पर लाठीचार्ज के सवाल पर CM नीतीश ने अफसरों की ओर किया इशारा
भाजपाइयों पर लाठीचार्ज के सवाल पर CM नीतीश ने अफसरों की ओर किया इशारा

राज्य ब्यूरो, पटना: जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने शुक्रवार को ट्वीट कर यह कहा कि वह भाजपा को यह चुनौैती देते हैं कि वह कोई ऐसा साक्ष्य या वीडियो दिखाए कि गुरुवार काे भाजपा के विधानसभा मार्च में विजय सिंह की मौत लाठीचार्ज से हुई है।

ललन सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा कि जब विजय सिंह कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे ही नहीं तो लाठीचार्ज में घायल कैसे हुए?

वहीं, पत्रकारों से बातचीत के क्रम में ललन सिंह ने कहा कि मौत की खबर से हम सभी दुखी हैं। विजय सिंह के परिवार के प्रति संवेदना भी है। दरअसल, वह छज्जू बाग में गिर गए थे। वहां से उन्हें तारा नर्सिंग होम ले जाया गया।

लाठीचार्ज पर अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा कि बैरेकेडिंग तोड़ने व मिर्ची पाउडर फेंकने के बाद पुलिस एक्शन में आयी थी।

मुख्यमंत्री ने लाठीचार्ज पर नहीं दी कोई प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जब गुरुवार को हुए लाठीचार्ज के बारे में प्रतिक्रिया मांगी गयी तो उन्होंने कुछ भी नहीं कहा। अधिकारियों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि ये लोग बता देंगे।

भाजपा के लिए कार्यकर्ता सिर्फ राजनीतिक मोहरे: राजीव रंजन

पटना: गुरुवार को विधानसभा मार्च के दौरान उपद्रव फैलाकर भाजपा ने एक बार फिर से सिद्ध कर दिया है कि हिंसा और उन्माद की राजनीति उनके रग-रग में बसी है। जदयू के राष्ट्रीय महासचिव व प्रवक्ता राजीव रंजन ने शुक्रवार को यह आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के लिए कार्यकर्ता सिर्फ राजनीतिक मोहरे हैं, जिसका उपयोग सत्ता की सीढियां चढ़ने के लिए किया जाता है।

इसलिए बाहरी तत्वों को मार्च में घुसवा कर पुलिस पर हमला कराया गया। मजबूरन पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, उस दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सड़क पर बैठे रहे और दूसरे नेता उनके पीछे एक बड़ी गाड़ी में सवार होकर हंसी-ठिठोली करते रहे।

जेल ले जाने वाली गाड़ी आई तो उसमें आराम से बैठकर निकल लिए। भाजपा का विधानसभा मार्च बिहार सरकार की छवि बिगाड़ने का सोचा-समझा षड्यंत्र था। भाजपा नेआओं की मंशा कार्यकर्ताओं को पुलिस से भिड़ाकर पूरे शहर को अस्त-व्यस्त कर देने का था।