बेगूसराय, जेएनएन। केंद्रीय राज्य मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार को घेरा है। इस बार बाढ़ को लेकर नीतीश सरकार  और प्रशासन पर निशाना साधा है। उन्‍होंने कहा कि बाढ़ के नाम पर प्रशासन को लूटने का मौका मिल जाता है। नाव घोटाला करने का बहाना मिल जाता है। उन्‍होंने कहा कि सरकार की कमियों के कारण ही पटना के लोगों को परेशानी हो रही है। राहत के नाम पर लूट मची है। बेगूसराय प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि 300 नावें खरीदी जाती हैं, लेकिन चलने लायक महज 20 ही हैं। 238 नाव तो चलने लायक ही नहीं है। गिरिराज सिंह ने बाढ़ के दौरान बांटी जानेवाली राहत सामग्री पर भी असंतोष जताया।                                

बेगूसराय के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा प्रशासन के लिए उत्सव की तरह हो जाता है। बाढ़ के नाम पर प्रशासन को लूटने का मौका मिल जाता है। उन्‍होंने कहा कि बाढ़ के दौरान जिले में जो राहत बांटी जा रही है, वह नाकाफी है। उन्‍होंने कहा कि बाढ़ में दी जाने वाली राहत सहायता कागज पर कुछ और दिखती है, जबकि उसकी वास्तविकता कुछ और होती है। उन्होंने कहा कि तीन अगस्त को राज्य सरकार के चीफ सेक्रेटरी ने बेगूसराय में बाढ़ से निपटने की तैयारी पर गहन चिंतन की थी, लेकिन बैठक में जो बिंदु उठाए गए, वह उनके अनुकूल नहीं थे। 

 

उन्‍होंने कहा कि आज बारिश व बाढ़ से पटना के लोगों को जो परेशानी हो रही है, वह प्रशासन की कमियों की वजह से है। उन्‍होंने बेगूसराय जिला प्रशासन को भी कठघरे में खड़ा किया। कहा कि चीफ सेक्रेटरी के सामने जिला प्रशासन ने नाव की अद्यतन स्थिति रखी। इसमें वर्ष 2011 से 2014 के बीच जिला प्रशासन की ओर से 300 नावें खरीदने की बात सामने आई। उसमें से अभी सिर्फ 20 नाव परिचालन योग्य है। 42 नाव की मरम्मत हो रही है। शेष 238 नाव परिचालन योग्य नहीं है, लेकिन प्रशासन दावा कर रहा है कि नाव की हर जगह पर्याप्त व्यवस्था है।

उन्‍होंने कहा कि 130 निजी नाव जिले के अंचलों में है, जिसका एकरारनामा करा लिया गया है। जिला प्रशासन ने बाढ़ पूर्व तैयारी की खानापूर्ति की है। अभी हर जगह बाढ़ प्रभावित लोग नाव के लिए बिलबिला रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि राहत के नाम पर प्रशासन ने लूट मचा रखा है। बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच भूसा वितरण के नाम पर लूट मची है। जिला प्रशासन ने टेंडर निकाल गेहूं का भूसा 1040 रुपये प्रति क्विंटल और धान की नेवाड़ी का भूसा 990 रुपये प्रति क्विंटल खरीद रहा है, जबकि खुले बाजार में गेहूं का भूसा 850 रुपये और धान की नेवाड़ी 400 रुपये प्रति क्विंटल आसानी से मिल रहा है। 

Posted By: Rajesh Thakur

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