पटना, राज्य ब्यूरो। विधानसभा के पिछले सत्र के दौरान परिसर में घुसकर कुछ देर के लिए टीवी चैनलों पर छा गए आवारा कुत्तों को इसबार मौका नहीं मिलेगा। विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने अफसरों को सख्त हिदायत दी है कि सुरक्षा व्यवस्था की चौकसी में इस मुद्दे को शामिल करें। गारंटी करें कि अगले सत्र में आवारा कुत्ते परिसर में न आ पाएं। इन्हें रोकने की खास जवाबदेही नगर विकास और आवास विभाग को दी गई है। 

चौधरी बुधवार को सत्र की तैयारी की समीक्षा कर रहे थे। विधान परिषद के कार्यकारी सभापति हारुण रशीद और संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार के अलावा सरकार के आला अधिकारी भी मौजूद थे। सदस्यों के सवालों का ऑनलाइन जवाब देने में सुस्ती पर चौधरी ने सख्त नाराजगी जाहिर की।

सरकारी विभागों को 368 सवाल ऑनलाइन भेजे गए, लेकिन सिर्फ 12 सवालों के जवाब आए। इनमें से 11 सिर्फ पथ निर्माण विभाग से भेजे गए। चौधरी ने जवाब देने के लिए विभागों में तैनात नोडल अधिकारियों को चेतावनी की कि वे अपनी कार्यशैली सुधारें। कहा कि विभाग के प्रधान सचिव भी इस मामले में दिलचस्पी लें। लंबित सवालों के जवाब जल्द से जल्द भेजें।

बैठक में विधानसभा के सचिव बटेश्वर पांडेय, विधान परिषद के कार्यकारी सचिव विनोद कुमार, राज्य सरकार के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, श्रम संसाधन विभाग के प्रधान सचिव सुधीर कुमार सिंह,  डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय, अपर पुलिस महानिदेशक नैयर हसनैन खान सहित पटना जिला प्रशासन के वरीय अधिकारी मौजूद थे।  

राजनीतिक दलों के साथ भी बैठक

22 नवम्बर से शुरू विधान मंडल सत्र के सफल संचालन के लिए विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी और विधान परिषद के कार्यकारी सभापति हारुण रशीद ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठक कर सत्र संचालन में सहयोग की मांग की।

विधानसभा अध्यक्ष की ओर से बुलाई गई बैठक में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार, विधानसभा के सचिव बटेश्वर नाथ पांडेय, भाजपा के अरुण कुमार सिन्हा, राजद के ललित कुमार यादव, अब्दुल बारी सिद्दीकी, कांग्रेस के सदानंद सिंह, महबूब आलम, लोजपा के राजू तिवारी आदि मौजूद थे। 

Posted By: Kajal Kumari

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