पटना, जेएनएन। मुख्य पार्षद के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव शुक्रवार को मतदान के बाद खारिज हो गया। गौरतलब है कि बीते 25 जून को 10 पार्षदों द्वारा मुख्य पार्षद सुनीता सिन्हा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर नगर परिषद कार्यालय सभागार में वार्ड पार्षदों की एक विशेष बैठक बुलाई गई थी। बैठक में कुल 26 वार्ड पार्षदों में से मात्र 12 पार्षद उपस्थित हुए।



इसकी अध्यक्षता कर रही उपमुख्य पार्षद उर्मिला देवी ने मुख्य पार्षद के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव में लगाए गए आरोपों को पढ़कर सुनाया। अविश्वास प्रस्ताव लानेवाले पार्षदों में से एक अमित नारायण निराला ने दो साल बीत जाने के बावजूद मुख्य पार्षद पर विकास कार्य न करने का आरोप लगाया। पार्षद शशिभूषण कुमार व सोनू कुमार ने अविश्वास प्रस्ताव को सता पक्ष की एक साजिश करार दिया और इसकी जगह विकास कायरें पर चर्चा पर बल दिया।

मुख्य पार्षद सुनीता सिन्हा ने कहा कि बीते दो सालों में विकास के लिए उनसे जो भी बन पड़ा है, उन्होंने किया है। उन्होंने विकास कार्य न होने के लिए नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी किशोर कुणाल को दोषी बताया। अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 4 व विरोध में 5 मत पड़े। मौजूद 3 सदस्यों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। इसके बाद सभापति उर्मिला कुमारी ने अविश्वास प्रस्ताव को खारिज करने की घोषणा की। इस मौके पर निर्वाचन विभाग से प्रतिनियुक्त उपनिर्वाचन पदाधिकारी आर निलय बतौर पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद थे।

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