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Bihar Politics: क्या खतरे में है नीतीश मिश्रा की विधायकी? हाईकोर्ट पहुंचा मामला, चुनावी हलफनामे पर उठे सवाल

Published: Thu, 20 Aug 2026 06:31 PM (IST)

मंत्री नीतीश मिश्रा के झंझारपुर विधानसभा से निर्वाचन को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। चुनावी हलफनामे में आपराधिक ...और पढ़ें

नीतीश मिश्रा, शहरी विकास, आवास एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री

नीतीश मिश्रा, शहरी विकास, आवास एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री

HighLights

  1. मंत्री नीतीश मिश्रा के चुनाव को हाईकोर्ट में चुनौती।

  2. आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने का आरोप लगा।

  3. पटना हाईकोर्ट ने मिश्रा से लिखित जवाब मांगा।

विधि संवाददाता, पटना। बिहार सरकार के शहरी विकास, आवास एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा के झंझारपुर विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित होने को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। झंझारपुर से सीपीआई उम्मीदवार रहे राम नारायण यादव ने चुनाव परिणाम निरस्त करने की मांग करते हुए चुनाव याचिका दाखिल की है।

चुनावी हलफनामे में आपराधिक जानकारी नहीं देने का आरोप

याचिका में आरोप लगाया गया है कि नीतीश मिश्रा ने नामांकन के दौरान अपने विरुद्ध लंबित सभी आपराधिक मामलों की सही जानकारी नहीं दी।

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में कहा गया कि उम्मीदवार के लिए अपने आपराधिक इतिहास की पूरी जानकारी मतदाताओं के सामने रखना जरूरी है।

हाईकोर्ट ने याचिका को सुनवाई योग्य माना, मांगा लिखित जवाब

न्यायाधीश अशोक कुमार पांडेय की एकलपीठ ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद चुनाव याचिका को विचारणीय माना है।

अदालत ने निर्वाचित उम्मीदवार को मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला, मतदाताओं के अधिकार की बात

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता गोपाल कृष्ण ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को अपने आपराधिक इतिहास की पूरी और सही जानकारी मतदाताओं के सामने रखनी होती है।

आरोप है कि जानकारी छिपाने से मतदाताओं के जानने के अधिकार और चुनावी पारदर्शिता पर असर पड़ता है।

जनप्रतिनिधित्व कानून की धाराओं का दिया गया हवाला

याचिकाकर्ता की ओर से जनप्रतिनिधित्व कानून की धाराओं 80, 80ए और 81 का उल्लेख किया गया।

दलील दी गई कि चुनाव प्रक्रिया में कानूनी प्रावधानों के उल्लंघन के आधार पर निर्वाचित उम्मीदवार के निर्वाचन को चुनौती दी जा सकती है।

अब नीतीश मिश्रा के जवाब पर टिकी नजर

प्रारंभिक सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मामले को आगे सुनने का रास्ता साफ कर दिया है। अब निर्वाचित उम्मीदवार की ओर से दाखिल किए जाने वाले लिखित जवाब के बाद मामले में आगे की सुनवाई होगी। फिलहाल याचिका में लगाए गए आरोपों पर अदालत का अंतिम फैसला नहीं आया है।