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क्या झारखंड के छात्र देश के छात्र नहीं? लाठीचार्ज पर नीतीश मिश्रा का विपक्ष से सीधा सवाल

Published: Tue, 11 Aug 2026 04:43 PM (IST)

बिहार सरकार के मंत्री नीतीश मिश्रा ने झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर ...और पढ़ें

HighLights

  1. नीतीश मिश्रा ने झारखंड छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई की निंदा की।

  2. विपक्ष पर दिल्ली-झारखंड छात्र आंदोलनों पर अलग रुख का आरोप लगाया।

  3. संसद में विपक्ष के कार्यवाही बाधित करने पर भी सवाल उठाए गए।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार सरकार के मंत्री नीतीश मिश्रा ने झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा की है। उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर छात्र आंदोलनों को लेकर अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग रुख अपनाने का आरोप लगाया।

दिल्ली में समर्थन, झारखंड में चुप्पी क्यों?

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में नीतीश मिश्रा ने कहा कि छात्र और युवाओं से जुड़े मुद्दे देश के लिए महत्वपूर्ण हैं।

विपक्ष को इन मुद्दों पर एक समान दृष्टिकोण रखना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि दिल्ली में जब छात्र सड़क पर उतरे थे, तब कांग्रेस और विपक्ष के कई बड़े नेता उनके समर्थन में खुलकर सामने आए थे, लेकिन झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों की सुध क्यों नहीं ली जा रही है।

‘क्या झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्र देश के छात्र नहीं?’

नीतीश मिश्रा ने सवाल उठाया कि क्या झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्र देश के छात्र नहीं हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों को शांतिपूर्ण और उचित तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है।

ऐसे में दिल्ली और झारखंड के छात्र आंदोलनों को लेकर विपक्ष के रवैये में अंतर युवाओं के बीच सवाल खड़े कर रहा है।

राजनीतिक सुविधा के अनुसार स्टैंड बदलने का आरोप

मंत्री ने कहा कि किसी मुद्दे पर राजनीतिक सुविधा के अनुसार अपना रुख बदलना विपक्ष की विरोधाभासी नीति को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई विषय छात्रों और युवाओं से जुड़ा है तो उस पर हर जगह एक समान दृष्टिकोण होना चाहिए। विपक्ष का अलग-अलग जगहों पर अलग स्टैंड जनता के सामने उजागर हो रहा है।

संसद में विपक्ष के रवैये पर भी उठाए सवाल

नीतीश मिश्रा ने संसद में विपक्ष के रवैये पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले करीब 15 दिनों से संसद की कार्यवाही को लगातार बाधित करने का प्रयास किया जा रहा है।

उनके अनुसार, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में स्पष्ट किया है कि सरकार हर विषय पर चर्चा और जवाब देने के लिए तैयार है।

‘संसद बहस और समाधान का मंच’

मंत्री ने कहा कि संसद नियमों और संसदीय परंपराओं के अनुसार चलती है। विपक्ष को अपने मुद्दे सदन में रखना चाहिए और सरकार की ओर से दिए जाने वाले जवाब को भी धैर्यपूर्वक सुनना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बार-बार मुद्दे बदलना और सदन की कार्यवाही बाधित करना यह संकेत देता है कि विपक्ष मुद्दों पर गंभीर बहस नहीं करना चाहता।

मुद्दे बदलने की राजनीति का लगाया आरोप

नीतीश मिश्रा ने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार अपने मुद्दे बदल रहा है। पहले किसी एक विषय को सबसे बड़ा मुद्दा बताया जाता है और सरकार की ओर से जवाब या कार्रवाई होने के बाद नया मुद्दा सामने लाया जाता है।

उन्होंने कहा कि संसद बहस, विमर्श और समाधान का मंच है और सरकार हर मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार है।

बिहार में बातचीत से आंदोलनों का समाधान होने का दिया उदाहरण

मंत्री ने बिहार में हुए विभिन्न कर्मचारी आंदोलनों का उदाहरण देते हुए कहा कि नगर निकाय कर्मियों और कार्यपालक पदाधिकारियों की हड़ताल के दौरान बातचीत के माध्यम से समाधान निकाला गया।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की खूबसूरती संवाद और विमर्श में है तथा हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है।

युवाओं के सामने विपक्ष की नीति उजागर: नीतीश मिश्रा

नीतीश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि उनका सवाल छात्र आंदोलन के अधिकार को लेकर नहीं, बल्कि विपक्ष के अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग स्टैंड को लेकर है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष की यह विरोधाभासी नीति देश की जनता और खासकर युवाओं के सामने है। युवा देख रहे हैं कि राजनीतिक सुविधा के अनुसार विपक्ष किस प्रकार अलग-अलग मुद्दों पर अपना रुख बदलता है।

प्रेस वार्ता में पार्टी के कई नेता रहे मौजूद

प्रेस वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष अनामिका पासवान, प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल, कुंतल कृष्ण, नीरज कुमार शर्मा, पीयूष शर्मा और पूनम सिंह उपस्थित रहे।

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