CM नीतीश कुमार का रोका काफिला, कहा- मैं आपका दोस्त.. हुजूर आपने आने में बहुत देर कर दी
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का काफिला बख्तियारपुर में उनके पुराने परिचित सारो प्रसाद ने रोक दिया। सारो प्रसाद ने भावुक होकर ...और पढ़ें

सीएम नीतीश कुमार को रोका काफिला

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जागरण संवाददाता, बख्तियारपुर(पटना)। बख्तियारपुर में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहुंचे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री के आवास के सामने एक भावनात्मक दृश्य देखने को मिला, जब उनके पुराने परिचित सारो प्रसाद ने मुख्यमंत्री के काफिले को रुकवाकर अपनी पीड़ा सामने रखी। मुख्यमंत्री बनने से पहले नीतीश कुमार के करीबी रहे सारो प्रसाद ने जोरदार आवाज लगाकर उनका ध्यान अपनी ओर खींचा और कहा, 'गरीबों पर ध्यान दीजिए, आपकी पुरानी टीम में हम अकेले बचे हैं।'
सारो प्रसाद की आवाज सुनकर मुख्यमंत्री ने काफिले को रुकवाया और उनके पास पहुंचे। उन्होंने अपने साथ मौजूद जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि सारो प्रसाद का आवेदन लेकर मामले पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री का यह मानवीय पहलू देख मौके पर मौजूद लोग भी भावुक हो गए।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सारो प्रसाद इससे पहले भी मुख्यमंत्री के बख्तियारपुर आगमन के दौरान अपनी समस्याएं रख चुके हैं।
पूर्व में उनके कुछ कार्यों का निष्पादन भी किया गया था। इस बार भी उन्होंने अपनी मुख्य समस्या के रूप में आवास निर्माण के लिए जमीन की मांग रखी है। बताया गया कि उन्हें अब तक आवासीय जमीन का पर्चा नहीं मिल सका है, जिस कारण वे काफी समय से परेशान हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया है। एसडीएम गरिमा लोहिया ने बताया कि लंबित मामलों की समीक्षा की जा रही है और सारो प्रसाद के आवासीय जमीन से जुड़े आवेदन को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रशासन स्तर पर सभी आवश्यक औपचारिकताओं को जल्द पूरा करने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है।
सारो प्रसाद ने मुख्यमंत्री से भावुक अंदाज में कहा, 'मैं आपका दोस्त हूं हजूर, आपने आने में बहुत देर कर दी।' उनके इस संवाद ने माहौल को और संवेदनशील बना दिया। वर्षों पुरानी पहचान और भरोसे के रिश्ते की झलक इस मुलाकात में साफ दिखाई दी।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सत्ता के शीर्ष पर पहुंचने के बाद भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने पुराने साथियों और आम लोगों की बात सुनने से पीछे नहीं हटते। अब देखना होगा कि प्रशासनिक स्तर पर कितनी तेजी से सारो प्रसाद की समस्या का समाधान हो पाता है।
