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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नीतीश कुमार की उपेंद्र को खरी-खरी, बोले- कुशवाहा को कोई भी जदयू में लाना नहीं चाहता था; मेरे कहने पर तैयार हुए

By BHUWANESHWAR VATSYAYANEdited By: Yogesh Sahu
Published: Fri, 27 Jan 2023 08:51 PM (IST)

उपेंद्र कुशवाहा पर नीतीश कुमार शुक्रवार को खूब बोले। उन्होंने अपनी बात रखने के बाद पत्रकारों को हिदायत भी दे ...और पढ़ें

उपेंद्र कुशवाहा को कोई भी जदयू मे लाना नहीं चाहता था. मेरे ही कहने पर तैयार हुए लोग : नीतीश
उपेंद्र कुशवाहा को कोई भी जदयू मे लाना नहीं चाहता था. मेरे ही कहने पर तैयार हुए लोग : नीतीश

राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को पार्टी के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बारे में यह साफ-साफ कहा कि उन्हें फिर से पार्टी में लाने पर दल के भीतर लोग तैयार नहीं थे पर मेरे कहने के बाद लोग राजी हुए। मेरा तो उनके प्रति प्रेम का भाव है लेकिन कुछ दिनों से उनका व्यवहार तो लोग देख ही रहे हैं। हम इतना स्नेह रखते हैं फिर भी कोई चला जाता है तो हम क्या कर सकते हैं। तारामंडल का निरीक्षण कर पत्रकारों से बातचीत के क्रम मे मुख्यमंत्री ने यह बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा के बारे में हमें जो कहना था वह पहले ही कह चुके हैं। वह क्या बोल रहे हैं मुझे नहीं पता। ऐसी बातों का कोई मतलब नहीं है। हम तो बार-बार यह कह रहे हैं कि किसी भी राजनीतिक दल में कोई बात होती है तो उस पर आपस में चर्चा होती है न कि सार्वजनिक रूप से। प्रतिदिन उसके बारे में नहीं बोला जाता है। लोगों को अगर अपनी बातें कहनी हैं तो पार्टी के भीतर कहनी चाहिए। पहले उपेंद्र कुशवाहा बहुत अच्छा कर रहे थे, पर अचानक उनको क्या हो गया पता नहीं। हमसे तो एक महीने से कोई बात नहीं हुई है। हर आदमी को बोलने का अधिकार है।

उपेंद्र के भाजपा बैकअप पर सीएम बोले- यह तो उन्हें ही पता होगा

उपेंद्र कुशवाहा के भाजपा बैकअप के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तो उन्हें ही पता होगा कि बात कहां से शुरू हुई। उन्हें किस पार्टी ने विधायक बनाया या फिर विधान परिषद भेजा? केवल लोकसभा ही वह दूसरी पार्टी के सहयोग से गए हैं? पहले वह मेरी पार्टी में थे, फिर चले गए। फिर आए और फिर चले गए। हमें तो आश्चर्य लगता है। हमारा इतना स्नेह है फिर भी चले गए। जिनको जहां जाना है जाए। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को यह हिदायत भी दी कि इस बारे में आगे सवाल मत कीजिएगा।

उपेंद्र कुशवाहा के पार्टी छोड़ने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जिसको मर्जी हो वह करे। विधानसभा चुनाव में जब हम लोगाें को 43 सीटें ही मिली थीं तो वह क्यों चले आए? मुझे इन सब बातों को लेकर आश्चर्य होता है। उपेंद्र कुशवाहा लगातार ट्वीट कर रहे हैं। हम तो यह चाहते थे कि अगर कोई बात है तो हमसे आकर कहें। राजनीति में सब की अपनी-अपनी इच्छा होती है। पार्टी को इन सब बातों से कोई मतलब नहीं। पार्टी के लोग अपने काम में लगे रहते हैं। हम किसी का भी नुकसान नहीं करते। अपने लाभ के लिए कुछ नहीं करते। समाज के उत्थान में लगे रहते हैं।