राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि पारिवारिक पार्टियों से आ रहे लोग अभी भले ही चल जाएं पर कुछ दिनों बाद उनका अस्तित्व में रह पाना संभव नहीं। राजधानी पटना स्थित ज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम से लौटने के क्रम में पत्रकारों से बातचीत के क्रम में उन्होंने यह बात कही। मुख्यमंत्री से जब यह पूछा गया कि प्रधानमंत्री यह कह रहे कि पारिवारिक पार्टियां देश के लिए सही नहीं है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बिल्कुल सही है। पारिवारिक पार्टी का कोई मतलब है क्या? आजकल कई दल इस पर चल गए हैैं। अपने परिवार के लोगों को आगे कर रहे। राजनीति में इसका कोई मतलब नहीं। 

कभी-कभी लोगों की बात सुनते हैं तो आश्चर्य होता है

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि कभी-कभी लोगों की बात सुनते हैं तो आश्चर्य होता है। विधानसभा और विधान परिषद में यह सर्वसम्मति से तय हुआ था कि शराबबंदी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग इसे भूल जाते हैं क्या कि जब शराबबंदी लागू की गई थी तो उसका प्रस्ताव किसने दिया था? उत्पाद विभाग तब किसके पास था? उसी पार्टी के एक दो आदमी आज कुछ और बोलते हैं। यह बात होती है कि शराबबंदी से पर्यटकों की संख्या कम होगी, पर ऐसा नहीं हुआ। 

शराबबंदी से बिहार में बढ़ी पर्यटकों की संख्या

आंकड़े हैं कि बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद पर्यटकों की संख्या बढ़ गई है। राजस्व के नुकसान की बात करने वाले को यह मालूम होना चाहिए कि केवल शराबबंदी लागू करने वाले वर्ष में ही 1200 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। बाद में स्थिति ठीक हो गयी। अब लोग शराब से बच गए पैसे को फल, सब्जी और दूध पर खर्च कर रहे। नीतीश कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंच से लोगों से पूछा कि बताइए कि पहले इतनी बिक्री होती थी क्या? 

Edited By: Akshay Pandey