पटना। मगध महिला कॉलेज में छात्राओं के लिए 800 बेड वाला छात्रावास बनाने की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा बुधवार को पहली सीढ़ी चढ़ गई। मुख्यमंत्री ने कॉलेज में आयोजित समारोह के दौरान खुद इसका शिलान्यास किया। उन्होंने इसके लिए जनवरी महीने में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान घोषणा की थी। नया छात्रावास एक साल में बनकर तैयार हो जाएगा। हालांकि, स्थान के अभाव में प्रस्तावित छात्रावास में बेड की संख्या घटाकर 649 करनी पड़ी है। छात्रावास के निर्माण पर कुल 31 करोड़ 8 लाख 48 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। पहली किस्त में योजना को आगे बढ़ाने के लिए कॉलेज को 10 करोड़ रुपये सरकार उपलब्ध कराएगी। डिजाइनिंग और डीपीआर के माध्यम से छात्रावास का नक्शा लगभग फाइनल हो चुका है। शिलान्यास कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन प्रसाद वर्मा, पटना विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रास बिहारी प्रसाद सिंह, बिहार राज्य शिक्षा परियोजना निदेशक संजय सिंह, प्रधान सचिव आरके महाजन, निदेशक उच्च शिक्षा बिहार रेखा कुमारी और कॉलेज की प्राचार्या प्रो. शशि शर्मा ने दीप जला कर किया। इसके बाद संगीत विभाग की छात्राओं ने कुलगीत, स्वागत गीत 'शुभ स्वागतम् अभिनंदन सुमन लेकर कर रहे हैं स्वागत तुम्हारा..' और पर्यावरण गीत 'दूषित करो मत इस वायु को हरी-भरी हरियाली से सांस सभी की चलती है..' से अतिथियों का स्वागत किया। कॉलेज की पत्रिका का हुआ विमोचन :

कॉलेज की तरफ से मीमांसा नामक पुस्तक का लोकार्पण मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री ने किया। पीयू में गोल्ड मेडल पाने वाली 35 फीसद छात्राएं मगध महिला की :

कॉलेज की प्राचार्या ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उनका शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि ये कॉलेज खास लोगों का कॉलेज नहीं है, ये आम छात्राओं का कॉलेज है। इस कॉलेज में पढ़ने वाली केवल पांच फीसद छात्राओं के ही मां-बाप आयकर दे पाते हैं। उनका कहना था कि पटना विश्वविद्यालय में गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाली 35 फीसद छात्राएं मगध महिला की ही होती हैं। इस कॉलेज की 45 फीसद छात्राएं ऐसी होती हैं, जो रैंक प्राप्त करती हैं। ये मगध महिला के लिए गर्व की बात है। ई-लाइब्रेरी में कंप्यूटर बढ़ाने की मांग :

कॉलेज की प्राचार्य ने मुख्यमंत्री के सामने कॉलेज में बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने की बात रखी। कहा कि कॉलेज में ई-लाइब्रेरी तो है, लेकिन मात्र 24 कंप्यूटर हैं, जबकि छात्राओं की संख्या बहुत ज्यादा है। इसलिए कम से कम 100 कंप्यूटर की सुविधा यहां होनी चाहिए। पीजी भवन में कॉलेज प्रशासन द्वारा आठ कमरों का क्लास रूम बनाया गया है, लेकिन वहां फर्नीचर नहीं है। पटना विश्वविद्यालय में 60 फीसद सिर्फ छात्राएं :

पटना विश्वविद्यालय के कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में 60 फीसद सिर्फ छात्राएं ही होती हैं। इसलिए छात्रावास बनाने की मुख्यमंत्री की योजना तारीफ के काबिल है। पटना विश्वविद्यालय में छात्राओं की शिक्षा और सुरक्षा का उत्तम इंतजाम है। पीजी की छात्राओं को भी छात्रावास की सुविधा चाहिए, जो जल्द ही शुरू भी की जा सकेगी। परेशानी हो तो सीधे करें हमसे संपर्क : शिक्षामंत्री

शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कभी भी शिक्षा से संबंधित कोई भी परेशानी हो तो हमारे कर्मचारियों को बताएं। अगर उनसे समाधान नहीं हो रहा हो तो सीधे हमारे पास भी आ सकते हैं।

Posted By: Jagran

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