विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नीतीश-निशांत की बंद कमरे में मुलाकात: बढ़ी सियासी हलचल, क्या JDU में बदलाव की तैयारी?

Published: Fri, 27 Mar 2026 09:00 AM (IST)

Nishant Kumar Meets Nitish Kumar: निशांत कुमार की बिहार की राजनीति में बढ़ती सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है। ...और पढ़ें

नीतीश कुमार से बंद कमरे में लंबी बातचीत

नीतीश कुमार से बंद कमरे में लंबी बातचीत

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है। निशांत कुमार लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने पहले पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इसके बाद वे सीधे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे।

यहां उनकी नीतीश कुमार से बंद कमरे में लंबी बातचीत हुई। इस मुलाकात के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।

बिजेंद्र यादव से शुरू हुई बैठकों की कड़ी

निशांत कुमार सबसे पहले ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव से मिले। दोनों के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई। हालांकि इसे औपचारिक मुलाकात बताया गया।

इसके बाद उन्होंने अन्य नेताओं से भी मुलाकात की। नरेंद्र नारायण यादव से भी करीब 20 मिनट चर्चा हुई। लगातार हो रही ये मुलाकातें संकेत दे रही हैं कि वे संगठन में पकड़ बना रहे हैं।

संगठन में सक्रियता, बढ़ा दायरा

राजनीति से दूर रहने वाले निशांत अब खुलकर सक्रिय दिख रहे हैं। वे लगातार नेताओं और कार्यकर्ताओं से संपर्क कर रहे हैं। पार्टी के कामकाज को समझने की कोशिश कर रहे हैं।

नीतीश कुमार की राजनीति और फैसलों का अध्ययन भी कर रहे हैं। हाल के दिनों में उन्होंने कई बैठकों में भाग लिया है। यह बदलाव JDU के अंदर एक नई दिशा की ओर इशारा करता है।

बंद कमरे की बातचीत के मायने क्या?

मुख्यमंत्री आवास में हुई बंद कमरे की बातचीत को अहम माना जा रहा है। इसे भविष्य की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इसे ट्रांजिशन की शुरुआत माना जा रहा है।

हालांकि आधिकारिक तौर पर कुछ भी साफ नहीं कहा गया है। लेकिन लगातार बढ़ती सक्रियता कई संकेत दे रही है। यह मुलाकात आने वाले समय में बड़े फैसलों की भूमिका बन सकती है।

सीएम फेस की चर्चा भी तेज

निशांत कुमार को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। कुछ नेता उन्हें डिप्टी सीएम के रूप में देखने की बात कर रहे हैं। वहीं कई उन्हें भविष्य का मुख्यमंत्री बता रहे हैं।

यह मुद्दा पार्टी के भीतर भी चर्चा में है। हालांकि पार्टी ने इस पर आधिकारिक रुख स्पष्ट नहीं किया है। फिर भी उनकी सक्रियता ने अटकलों को हवा दे दी है।

विरासत संभालने की तैयारी?

निशांत कुमार अब खुलकर सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिख रहे हैं। मीडिया के सवालों का भी जवाब दे रहे हैं। इसे उनकी नई राजनीतिक भूमिका की शुरुआत माना जा रहा है।

वे नीतीश कुमार की विरासत को समझने और आगे बढ़ाने में जुटे हैं। लगातार बैठकों और संपर्क अभियान से उनका कद बढ़ रहा है। बिहार की राजनीति में यह बदलाव आने वाले समय में बड़ा असर डाल सकता है।