पटना [रमण शुक्ला] । बिहार भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में जगह बनाने को बेताब पार्टी के धुरंधरों को हफ्ते भर इंतजार करना होगा। भाजपा के सैकड़ों नेताओं, पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की यह मुराद दिल्ली विधानसभा चुनाव बाद पूरी होगी। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल आठ फरवरी को दिल्ली में मतदान संपन्न होने के बाद नई टीम घोषित करेंगे।

पार्टी ने लगाया ब्रेक

दरअसल, पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता फिलवक्त चुनावी कार्यक्रम में व्यस्त हैं। ऐसे में पार्टी ने इस अहम निर्णय पर ब्रेक लगा दिया है। फिर भी पार्टी का कोई कार्यकर्ता बूथ कार्यकारिणी में जगह बनाने के लिए बेताब है तो कोई मंडल, जिला और प्रदेश संगठन का पदधारक बनने के लिए रसूखदारों की परिक्रमा कर रहा है। लेकिन बिहार भाजपा ने इस पहल को आठ फरवरी तक टाल दिया है।

पुनर्गठन के लिए पार्टी में तेज हो गई है लामबंदी 

हालांकि बूथ से लेकर, मंडल और जिला स्तर पर अध्यक्षों ने कार्यकारिणी गठन की पहल शुरू कर दी है। इसके साथ ही फ्रंटल संगठनों के पुनर्गठन के लिए पार्टी में लामबंदी तेज हो गई है। बता दें कि भाजपा के फ्रंटल संगठनों में भाजयुमो, पिछड़ा वर्ग मोर्चा, अनुसूचित जाति, जनजाति मोर्चा से लेकर विभाग, प्रकल्प और प्रकोष्ठ के संयोजकों की अहम भूमिका रहती है। पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों को जनता के बीच पहुंचाने में मोर्चा, प्रकल्प, विभाग और प्रकोष्ठ से लेकर आनुषांगिक संगठन बेहद कारगर साबित होते हैं। यही वजह है कि पार्टी कार्यकर्ताओं में मुख्य संगठन से लेकर अनुषांगिक संगठनों तक की नुमाइंदगी हासिल करने की होड़ मची रहती हैं। वर्तमान में पार्टी में फ्रंटल संगठनों के अलावा 19 विभाग, नौ प्रकल्प और 17 प्रकोष्ठ हैं। इन संगठनों के जरिए वरिष्ठ नेताओं को सक्रिय रखने का प्रयास किया जाता है। इसके अलावा  प्रदेश और राष्ट्रीय परिषद में पूर्व पदाधिकारी, मंत्री, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद और पूर्व विधान पार्षदों के अलावा संगठन पूर्व पदधारकों को भी समायोजित किया जाता है।

रणनीतिकारों की बढ़ी मुश्किल

बिहार में चुनावी वर्ष होने की वजह से पार्टी के रणनीतिकारों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। प्रदेश और केंद्र में पार्टी की सरकार होने वजह से कार्यकर्ताओं की अपेक्षाएं सातवें आसमान पर हैं। हर दूसरा कार्यकर्ता संगठन में पदधारक बनने के लिए तिकड़म लगा रहा है। लेकिन देखना यह है कि कुर्सी की रेस में कौन कितना सफल हो पाता है, किसकी छुट्टी होती है और कौन तरक्की पाता है। उल्लेखनीय है कि भाजपा की बूथस्तरीय कार्यकारिणी में पदाधिकारियों के 19 और मंडल में पदाधिकारी के 61 पद हैं जबकि जिले में 91 सदस्यीय कार्यकारिणी है। वहीं, प्रदेश संगठन में भी 105 पदाधिकारियों के पद हैं। इन्हीं पदों पर सभी की नजर है।

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