विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नेपाल की बाढ़ में बहकर बिहार आईं 'अतरंगी' मछलियां, सरकार ने लोगों को खाने और बेचने से रोका

Published: Mon, 31 Aug 2026 04:59 PM (GMT+05:30)

नेपाल की भीषण बाढ़ के कारण गंडक नदी में बड़ी संख्या में दूषित मछलियां बहकर आई हैं।

HighLights

  1. नेपाल बाढ़ से गंडक में दूषित मछलियां, खाने से बचें।

  2. मत्स्य निदेशालय ने लोगों को सावधानी बरतने की अपील की।

  3. बाढ़ के पानी में कचरा, मृत जीव-जंतु से संक्रमण का खतरा।

राज्य ब्यूरो, पटना। नेपाल में आई भीषण जलप्रलय का असर अब बिहार की नदियों तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। गंडक समेत कई जलस्रोतों में बाढ़ के तेज पानी के साथ बड़ी संख्या में मछलियों के बहकर आने की सूचना है। इसी बीच मत्स्य निदेशालय ने आम लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

निदेशालय ने बाढ़ के पानी के साथ बहकर आई मछलियों को फिलहाल खाने से बचने की अपील की है। आशंका जताई गई है कि जलप्रलय के दौरान नदी के पानी में मृत जीव-जंतु, गाद, कचरा और अन्य जैविक अवशेष मिल सकते हैं, जिससे मछलियों के दूषित होने का खतरा बढ़ गया है।

गंडक में मछलियों के साथ बहकर आए पशुओं के अवशेष

नेपाल में भारी बारिश और जलप्रलय के बाद गंडक नदी में मछलियों के साथ पशुओं और अन्य जैविक अवशेषों के बहकर आने की खबरें सामने आई हैं। बिहार के गंडक किनारे बसे कई इलाकों में नदी के आसपास शव भी देखे जाने की सूचना है।

ऐसे हालात में नदी के पानी की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। मत्स्य निदेशालय का मानना है कि प्रदूषित पानी के संपर्क में आने से मछलियों की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है।

स्वस्थ दिखने वाली मछली भी फिलहाल न खाएं, विभाग ने जताई आशंका

मत्स्य निदेशालय ने विशेष रूप से उन मछलियों को लेकर सतर्क रहने को कहा है, जो बाढ़ के पानी के साथ सीधे नदियों और जलस्रोतों में पहुंची हैं।

सामान्य तौर पर स्वस्थ दिखाई देने वाली मछली भी दूषित हो सकती है, इसलिए बिना जांच उसके सेवन को सुरक्षित नहीं माना जा रहा है।

खासकर नदी से सीधे पकड़ी गई और बाढ़ के पानी के साथ बहकर आई मछलियों को लेकर लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है। विभाग का कहना है कि ऐसे समय में सतर्कता ही सबसे जरूरी है।

अचानक बढ़ी मछलियों की आवक, बाजार तक पहुंचने की भी खबर

बाढ़ के पानी के साथ बड़ी संख्या में मछलियों के आने की रिपोर्ट है। इनमें कुछ असामान्य आकार की मछलियां भी शामिल हैं। अचानक मछलियों की उपलब्धता बढ़ने से कुछ इलाकों में इनके बाजार तक पहुंचने की सूचना भी सामने आई है।

यही वजह है कि मत्स्य विभाग की चिंता अब सिर्फ नदी या जलस्रोतों तक सीमित नहीं है। अगर बिना जांच ऐसी मछलियां बाजार में पहुंचती हैं और लोग उन्हें खरीदकर खा लेते हैं, तो खाद्य सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।

मत्स्य निदेशालय ने सूचना विभाग को लिखा पत्र, जागरूकता अभियान की अपील

स्थिति को देखते हुए मत्स्य निदेशालय ने सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय को पत्र लिखकर लोगों को जागरूक करने की अपील की है। विभाग चाहता है कि बाढ़ के पानी के साथ आई मछलियों के सेवन को लेकर लोगों तक स्पष्ट चेतावनी पहुंचाई जाए।

मत्स्य निदेशालय ने मछुआरों और आम लोगों से भी अपील की है कि वे बाढ़ के पानी से सीधे पकड़ी गई मछलियों की खरीद-बिक्री में सावधानी बरतें और विभागीय निर्देशों का पालन करें।

फिलहाल विभाग का संदेश साफ है-बाढ़ के पानी के साथ आई मछलियों को लेकर जल्दबाजी न करें और बिना जांच इनके सेवन से बचें।