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NEET फर्जीवाड़े में बड़ा एक्शन: बायोमीट्रिक टेंडर लेने वाला बिहार से गिरफ्तार, स्कॉलर को एंट्री दिलाने का आरोप

Published: Sat, 10 Oct 2026 02:39 PM (IST)

आर्थिक अपराध इकाई ने नीट पुनर्परीक्षा 2026 में फर्जी परीक्षार्थियों को बैठाने के मामले में प्रमोद कुमार को गिरफ्तार किया ...और पढ़ें

बायोमीट्रिक टेंडर लेने वाला प्रमोद कुमार गिरफ्तार

 बायोमीट्रिक टेंडर लेने वाला प्रमोद कुमार गिरफ्तार

HighLights

  1. नीट फर्जीवाड़े में प्रमोद कुमार की गिरफ्तारी।

  2. फर्जी परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिलाने का आरोप।

  3. आर्थिक अपराध इकाई द्वारा मामले की गहन जांच जारी।

राज्य ब्यूरो, पटना। नीट पुनर्परीक्षा 2026 में मूल परीक्षार्थियों की जगह स्कॉलर यानी फर्जी अभ्यर्थियों को बैठाने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने एक और आरोपित प्रमोद कुमार को गिरफ्तार किया है। उसे नौ अक्टूबर को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

प्रमोद पर लखीसराय में नीट परीक्षा के बायोमीट्रिक सत्यापन का टेंडर लेने और कथित तौर पर फर्जी परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिलाने में मिलीभगत का आरोप है।

ईओयू के अनुसार, इस मामले में परीक्षा केंद्र पर पहचान सत्यापन की प्रक्रिया में गड़बड़ी किए जाने की आशंका है। जांच एजेंसी अब यह पता लगा रही है कि इस पूरे मामले में किन लोगों की क्या भूमिका थी और फर्जी अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल कराने की व्यवस्था कैसे की गई।

लखीसराय के परीक्षा केंद्र पर सामने आया था मामला

21 जून 2026 को लखीसराय के केंद्रीय विद्यालय, खगौर परीक्षा केंद्र पर नीट पुनर्परीक्षा के दौरान मूल अभ्यर्थियों की जगह स्कॉलर के शामिल होने की कोशिश का मामला सामने आया था।

इस संबंध में किऊल थाना कांड संख्या 64/2026 दर्ज किया गया था। मामले में परीक्षार्थियों, कथित फर्जी परीक्षार्थियों, बायोमीट्रिक ऑपरेटरों और सुपरवाइजर समेत 27 लोगों को नामजद किया गया था। बाद में जांच ईओयू को सौंप दी गई।

टेंडर लेकर बायोमीट्रिक ऑपरेटरों से संपर्क का आरोप

ईओयू के मुताबिक, जांच के दौरान प्रमोद कुमार ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। एजेंसी का कहना है कि उसने बताया कि विकास कुमार और राहुल के माध्यम से बायोमीट्रिक सत्यापन का टेंडर लिया था।

इसके बाद मो. शहजाद, सुबोध और रोहित कुमार उर्फ मुरारी की कथित मिलीभगत से बायोमीट्रिक ऑपरेटरों की मदद लेकर मूल परीक्षार्थियों की जगह फर्जी अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश कराया गया।

जांच एजेंसी अब इन आरोपों से जुड़े साक्ष्यों और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्यों के आधार पर होगी।

नीट से जुड़े तीन मामलों में जांच का दायरा बढ़ा

ईओयू के अनुसार, प्रमोद कुमार की लखीसराय जिले में नीट परीक्षा से जुड़े कवैया थाना कांड संख्या 244/26 और 245/26 में भी संलिप्तता की जांच की जा रही है। एजेंसी इन मामलों के बीच संभावित संबंधों और परीक्षा में कथित गड़बड़ी के तरीके की पड़ताल कर रही है।

14 आरोपितों के खिलाफ पहले ही दाखिल हो चुका है आरोपपत्र

ईओयू ने बताया कि इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए 14 आरोपितों के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। वहीं, रोहित कुमार उर्फ मुरारी को नवादा नगर थाना कांड संख्या 610/2026 से इस मामले में रिमांड पर लिया गया है।

जांच एजेंसी अब गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों, बायोमीट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया और परीक्षा केंद्र में प्रवेश से जुड़े पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है।

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