पटना। परिवर्तन की बयार लेकर भाजपा और इसके सहयोगी दलों के कार्यकर्ता कल गांधी मैदान से पूरे प्रदेश के लिए रवाना हो गए। हाईटेक प्रचार के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए 160 रथों की रवानगी के लिए राज्य भर से भाजपा, लोजपा, रालोसपा और हम के हजारों कार्यकर्ता गांधी मैदान पहुंचे थे।

मंच पर बड़े नेताओं की एकजुटता के संदेश को कार्यकर्ताओं ने भी सम्मान दिया और महत्वपूर्ण बयानों पर जमकर तालियां लगाईं। अमित शाह, रामविलास पासवान, जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा में कोई फर्क नहीं किया। यहां तक कि चिराग पासवान भी जब बोलने के लिए उठे तो उनके सम्मान में भी कोई कमी नहीं।

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बारिश में भी तेवर : खराब मौसम के बावजूद कार्यकर्ताओं के तेवर उफान पर थे। भीगकर भी अगली कतार में खड़े होने की आपाधापी। मीडिया गैलरी के आगे बार-बार रोकने पर भी भीड़ उमड़ आ रही थी। समझाने-मनाने पर भी कार्यकर्ता हटने के लिए तैयार नहीं हो रहे थे। बारिश के बावजूद उत्साह में कमी नहीं थी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ एनडीए के सभी बड़े नेताओं को सुनने के लिए आखिर तक खड़े रहे।

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मनोज ने भी लूटी वाहवाही : भोजपुरी गायक मनोज तिवारी को सुनने के लिए भी लोगों में बेताबी थी। संचालक संजीव चौरसिया ने पहले उन्हें संबोधित करने के लिए बुलाया, लेकिन शायद तिवारी भाषण से ज्यादा गाने को ही तरजीह देना चाहते थे। इसीलिए वह नहीं आए। कार्यक्रम के आखिर में उन्हें परिवर्तन रथ यात्रा के लिए खास तौर पर लिखे गए गीत के लिए बुलाया गया। सुरीली आवाज पर जमकर तालियां लगीं। मनोज ने भोजपुरी में ही लोगों से संवाद भी किया।

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मंच पर भी भीड़ : पंडाल में कार्यकर्ताओं की भीड़ तो थी ही, मंच पर भी जगह कम पड़ रही थी। अगली कतार में बड़े नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों को छोड़कर पीछे की कतार में भी लोग जगह की तलाश करते नजर आए। अमरेंद्र प्रताप सिंह, प्रेम कुमार, एसएन आर्या, नित्यानंद राय, संजय मयूख, सूरजनंंदन कुशवाहा, रामाधार सिंह समेत नीतीश की पूर्व सरकार के दौरान के भाजपा के सभी पूर्व मंत्री मंच पर मौजूद थे। मांझी गुट के शाहिद अली खान, वृशिण पटेल, महाचंद्र प्रसाद, नरेंद्र सिंह, राजीव रंजन को भी सम्मानपूर्वक बैठाया गया था। कार्यक्रम का संचालन संजीव चौरसिया ने किया।

Posted By: Amit Alok