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NDA में फिर दिखी अलग राय, UCC के बाद SIR पर भी BJP से अलग बोले चिराग और उपेंद्र, JDU का क्‍या रुख?

Published: Sat, 26 Sep 2026 03:24 PM (IST)

एनडीए के घटक दल लोजपा (रा) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने चुनाव आयोग से जुड़े विवाद पर भाजपा से अलग ...और पढ़ें

चुनाव आयोग के मुद्दे पर एनडीए के सुर अलग। फाइल

चुनाव आयोग के मुद्दे पर एनडीए के सुर अलग। फाइल

HighLights

  1. चिराग पासवान ने चुनाव आयोग पर जनता के संदेह दूर करने को कहा।

  2. उपेंद्र कुशवाहा ने भी आयोग से विवाद पर स्पष्टीकरण जारी करने की मांग की।

  3. जदयू ने चुनाव आयोग के मुद्दे पर भाजपा का पूरा समर्थन किया।

राज्य ब्यूरो, पटना। यूसीसी के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े विवाद में भी एनडीए के दो घटक दलों ने भाजपा के स्टैंड से दूरी बना ली है।

यह पहला अवसर नहीं है, जब किसी बड़े मुद्दे पर इन घटक दलों की राय भाजपा से अलग रही है। ताजा मामला चुनाव आयोग का है।

केंद्रीय मंत्री और LJP R के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि एनडीए सरकार में भागीदार होने के नाते वे किसी का बचाव नहीं कर रहे हैं।

च‍िराग पासवान ने कहा-संदेह दूर क‍िया जाना चाह‍िए

विपक्ष की राय से उनकी सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। लेकिन, जनता के मन में आयोग को लेकर कोई संदेह पैदा होता है तो उसे दूर किया जाना चाहिए।

बिहार विधानसभा में लोजपा (रा) के 19 और लोकसभा में पांच सांसद हैं। दोनों सरकारों में उसका प्रतिनिधित्व है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के अध्यक्ष एवं राज्यसभा के सदस्य उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि विपक्ष आयोग को लेकर जिन शब्दों का प्रयोग कर रहा है, उससे वे सहमत नहीं हैं।

लेकिन एसआइआर से संबंधित विवाद पर जनता में उलझन की स्थिति पैदा हो गई है। इसे दूर करने के लिए आयोग का स्पष्टीकरण आना चाहिए। भाजपा के लिए राहत की बात यह है कि इस मुद्दे पर जदयू का उसे पूरा साथ मिल रहा है।

केंद्रीय मंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह ऊर्फ ललन सिंह ने कहा कि कांग्रेस अपनी हार के लिए नाहक चुनाव आयोग को जिम्मेवार ठहरा रहा है। सच यह है कि नेतृत्व की कमजोरी के कारण उसकी हार हो रही है।

यूसीसी पर तीन दलों की अलग राय थी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से 2029 तक एनडीए शासित राज्यों में यूसीसी लागू करने की घोषणा पर एनडीए के तीन घटक दलों की अलग राय थी।

जदयू, लोजपा (रा) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने कहा था कि पहले हमलोग यूसीसी के प्रारूप को देखेंगे। तक बताएंगे कि इसका समर्थन किया जाए या नहीं।

चिराग ने दो कदम आगे बढ़ कर कहा था कि देश को सामाजिक ताना-बाना विविधतापूर्ण है। हर वर्ग की अपनी नागरिक परंपराएं और रीति-रिवाज हैं।

मेरी पार्टी समानता और विविधता के प्रति प्रतिबद्ध है। प्रारूप सार्वजनिक हो, सभी हितधारकों के हितों का अवलोकन हो, व्यापक विचार-विमर्श हो, उसके बाद पार्टी अपना मत रखेगी।

आरक्षण पर मतभेद

अनुसूचित जातियों के आरक्षण में आरक्षण के फार्मूले पर भी लोजपा (रा) और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा में मतभेद है। चिराग आरक्षण की वर्तमान व्यवस्था में किसी तरह के बदलाव का विरोध कर रहे हैं।

मोर्चा के संस्थापक और केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी कहते हैं कि भाजपा शासित हरियाणा की तरह देश और राज्यों में अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षण में आरक्षण का प्रविधान होना चाहिए।

एनडीए के वरिष्ठ नेता चिराग पासवान या उपेंद्र कुशवाहा को किसी विषय पर स्पष्टीकरण चाहिए तो मांगना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन बिना तथ्य के विपक्ष को आयोग की नीयत पर सवाल उठाना उचित नहीं।
नीरज कुमार शर्मा, प्रवक्ता, भाजपा, बिहार।