नवरात्र व्रत के बाद पारण में न करें ये गलतियां, बढ़ सकती है गैस और एसिडिटी; फैटी लिवर से बचाव के उपाय भी जानें
नवरात्र व्रत के बाद पारण में सही खान-पान पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है ताकि पेट संबंधी समस्याओं से बचा जा ...और पढ़ें

नवरात्र के पारण में सेहत का रखें ख्याल।
जागरण संवाददाता, पटना। नवरात्र के दौरान उपवास और खान-पान में बदलाव के बाद पारण करते समय सावधानी बरतना जरूरी है।
व्रत के बाद अचानक अधिक मात्रा में या तला-भुना भोजन करने से पेट में भारीपन, गैस, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
वहीं, मौसम में बदलाव का असर भी खान-पान और पाचन पर पड़ सकता है। ऐसे में पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के साथ वजन नियंत्रित रखने पर भी ध्यान देना जरूरी है। पारण की शुरुआत सुपाच्य और हल्के भोजन से करनी चाहिए।
रविवार को दैनिक जागरण के लोकप्रिय कार्यक्रम 'हेलो जागरण' में इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आइजीआइएमएस), पटना के गैस्ट्रोएंटरोलाजी विभाग के वरीय प्राध्यापक डा. साकेत कुमार ने पाठकों को ये सुझाव दिए।
कार्यक्रम के दौरान काफी संख्या में पाठकों ने स्वास्थ्य से जुड़े सवाल पूछे। प्रस्तुत हैं चुनिंदा प्रश्न और उनके उत्तर।
प्रश्न: नवरात्र में नौ दिनों तक व्रत रखने के बाद पारण कैसे करें, जिससे पेट पर असर नहीं पड़े?
रजनी, वैशाली।
उत्तर: पारण के समय हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन थोड़ी मात्रा में लें। शुरुआत में ही अधिक मात्रा में तला-भुना, मसालेदार या भारी भोजन करने से बचें। पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लें। एक साथ बहुत अधिक खाने-पीने के बजाय धीरे-धीरे सामान्य खान-पान की ओर लौटें।
प्रश्न: मौसम बदलने के साथ गैस, एसिडिटी और पेट फूलने की समस्या क्यों बढ़ जाती है?
पुरुषोत्तम कुमार, खगौल।
उत्तर: अनियमित खान-पान, जल्दी-जल्दी खाना, अधिक तला-भुना भोजन और शारीरिक गतिविधियों की कमी से ऐसी परेशानियां हो सकती हैं। समय पर भोजन करें, पर्याप्त पानी पिएं और नियमित दिनचर्या बनाए रखें। परेशानी लगातार बनी रहे तो चिकित्सक से परामर्श लें।
प्रश्न: लिवर में फैट जमा होने यानी फैटी लिवर की समस्या कैसे होती है? इससे बचने के लिए क्या करें?
कमल सिंह, आरा।
उत्तर: मोटापा, मधुमेह, शारीरिक निष्क्रियता और खान-पान से जुड़ी कुछ आदतें फैटी लिवर का खतरा बढ़ा सकती हैं। इससे बचाव के लिए संतुलित आहार लें, नियमित व्यायाम करें और वजन नियंत्रित रखें। जरूरत के अनुसार जांच कराएं और चिकित्सक की सलाह लें।
प्रश्न: वजन लगातार बढ़ रहा है। क्या केवल खाना कम करने से मोटापा नियंत्रित किया जा सकता है?
अंजली, कंकड़बाग।
उत्तर: वजन नियंत्रित करने के लिए भोजन की मात्रा के साथ उसकी गुणवत्ता पर भी ध्यान देना चाहिए। संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और पर्याप्त नींद जरूरी हैं। वजन तेजी से बढ़ रहा हो या इसके साथ अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हों तो चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
प्रश्न: गाल ब्लैडर में पथरी होने पर क्या हमेशा आपरेशन कराना पड़ता है?
राकेश कुमार, फतुहा।
उत्तर: गाल ब्लैडर में पथरी होने पर उपचार का निर्णय उसके लक्षणों और मरीज की स्थिति के आधार पर किया जाता है। हर मरीज के लिए उपचार एक जैसा नहीं होता। दर्द या अन्य लक्षण होने पर विशेषज्ञ से परामर्श लें। जरूरत पड़ने पर सर्जरी की सलाह दी जा सकती है।
प्रश्न: रोबोटिक सर्जरी क्या है? क्या इससे आपरेशन में दर्द और अस्पताल में रहने की अवधि कम हो जाती है?
प्रियंका, हाजीपुर।
उत्तर: रोबोटिक सर्जरी में सर्जन विशेष तकनीक से संचालित रोबोटिक उपकरणों की मदद से आपरेशन करते हैं। इसकी उपयोगिता बीमारी, आपरेशन के प्रकार और मरीज की स्थिति पर निर्भर करती है। हर मरीज के लिए यह जरूरी या उपयुक्त नहीं होती। कौन-सी सर्जरी बेहतर होगी, इसका निर्णय विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श के बाद ही करना चाहिए।
प्रश्न: मेरी लंबाई 5.2 फीट और वजन 70 किलोग्राम है। वजन लगातार बढ़ रहा है। क्या यह चिंताजनक है?
स्वास्तिक शर्मा, पटना।
उत्तर: यदि लंबाई 5 फीट 2 इंच है, तो 70 किलोग्राम वजन के आधार पर बॉडी मास इंडेक्स (BMI) लगभग 28.2 होगा, जो सामान्य वजन की श्रेणी से अधिक है।
वजन नियंत्रित करने के लिए संतुलित आहार लें और नियमित शारीरिक गतिविधियां बढ़ाएं। वजन लगातार बढ़ रहा हो तो चिकित्सक या आहार विशेषज्ञ से परामर्श लें।
बीएमआइ वजन की स्थिति का एक प्रारंभिक संकेतक है, इसका आकलन अन्य स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं के साथ किया जाना चाहिए।
