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नवरात्र में क्या आप भी खरीद रहे हैं केले? सावधान! बिहार में मिल रहे हैं केमिकल से पकाए फल, मिनटों में करें पहचान

Published: Thu, 15 Oct 2026 11:09 AM (IST)

नवरात्र में केले की बढ़ती मांग के बीच पटना के बाजारों में रासायनिक रूप से पकाए गए केले बिकने की ...और पढ़ें

जल्दी पकाने के चक्कर में सेहत से खिलवाड़

जल्दी पकाने के चक्कर में सेहत से खिलवाड़

HighLights

  1. नवरात्र में रासायनिक रूप से पके केले स्वास्थ्य के लिए खतरनाक।

  2. पटना के बाजारों में फलों की गुणवत्ता पर सवाल उठे।

  3. केले खरीदते समय रंग नहीं, बल्कि गुणवत्ता पर ध्यान दें।

डिजिटल डेस्क, पटना। नवरात्र में व्रत रखने वालों के बीच केले की मांग बढ़ गई है। बाजार में बड़ी मात्रा में केले बिक रहे हैं, लेकिन इन्हें पकाने के तरीके को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जल्दी पकाकर बाजार में उतारने की होड़ में कुछ कारोबारी अनुचित रसायनों का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे में केवल केले का रंग और चमक देखकर उसकी गुणवत्ता तय करना सही नहीं है।

जल्दी पकाने के चक्कर में सेहत से खिलवाड़ का खतरा

त्योहारों के दौरान फलों की बढ़ती मांग के कारण उनकी आपूर्ति भी तेज हो जाती है। ऐसे में फलों को कृत्रिम तरीके से पकाने की आशंका जताई जा रही है।

हालांकि, केवल पीले रंग या चमक के आधार पर किसी केले को रसायन से पकाया हुआ नहीं कहा जा सकता। इसके लिए उचित जांच जरूरी है।

हर पीला केला केमिकल वाला नहीं होता

प्राकृतिक रूप से पके केले का रंग हल्के हरे से पीले तक हो सकता है और उस पर भूरे धब्बे भी दिख सकते हैं। दूसरी ओर, एकसमान पीला रंग या हरा डंठल होना अपने आप में रासायनिक पकाने का प्रमाण नहीं है। उपभोक्ताओं को फल की गुणवत्ता के साथ उसकी गंध, बनावट और ताजगी पर भी ध्यान देना चाहिए।

गलत तरीके से पकाने पर हो सकती है परेशानी

फलों को पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले पदार्थों की गुणवत्ता और मात्रा निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। खाद्य सुरक्षा मानकों के विपरीत रसायनों का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

प्रशासन की नजर, खाद्य सुरक्षा जांच पर जोर

त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। बाजार में बिकने वाले फलों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जांच और निगरानी महत्वपूर्ण है। रसायनों के अनुचित इस्तेमाल की आशंका वाले मामलों में नमूने लेकर जांच करने से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

केले खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

केले खरीदते समय सड़े, कटे, चिपचिपे या असामान्य गंध वाले फल न लें। विश्वसनीय विक्रेता से फल खरीदें और खाने से पहले केले को साफ पानी से धोकर छीलें।

छीलने के बाद हाथ भी साफ कर लें। याद रखें कि घरेलू स्तर पर देखकर यह निश्चित करना संभव नहीं है कि केला किस तरीके से पकाया गया है।

सेहत के लिए जरूरी बात

नवरात्र में फलाहार करते समय साफ-सुथरे और अच्छी गुणवत्ता वाले फल चुनें। किसी फल का रंग देखकर ही उसे नकली या जहरीला न मानें। संदेह होने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना दें।

केमिकल से पकाए गए केले का सेवन सेहत पर बुरा असर डाल सकता है। इससे पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए केला खरीदते समय सावधानी बरतें और उसकी गुणवत्ता पर ध्यान दें।

सुधाकर मिश्रा, डायटीशियन , पटना