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रिश्वत लेते पटना नौबतपुर के एमओ गिरफ्तार, निगरानी टीम ने कार्यालय में दबोचा

By santosh kumarEdited By: Radha Krishna
Published: Wed, 09 Sep 2026 04:09 PM (IST)

पटना के नौबतपुर प्रखंड कार्यालय में निगरानी विभाग ने प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी विनोद कुमार को 8 हजार रुपये रिश्वत लेते ...और पढ़ें

रिश्वत लेते नौबतपुर के एमओ गिरफ्तार

रिश्वत लेते नौबतपुर के एमओ गिरफ्तार

HighLights

  1. प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी विनोद कुमार 8 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार।

  2. निगरानी विभाग ने नौबतपुर प्रखंड कार्यालय में की कार्रवाई।

  3. पीडीएस दुकान के ऑडिट पास कराने के लिए मांगी थी रिश्वत।

जागरण संवाददाता, नौबतपुर(पटना)। प्रखंड कार्यालय में बुधवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। निगरानी टीम ने प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (एमओ/बीएसओ) विनोद कुमार को आठ हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई उनके कार्यालय कक्ष में ही हुई, जिससे पूरे प्रखंड परिसर में हड़कंप मच गया। गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम आरोपी अधिकारी को अपने साथ पटना ले गई।

पीडीएस दुकान का ऑडिट पास कराने के नाम पर मांगी थी रकम

निगरानी विभाग के डीएसपी आदित्य राज के अनुसार, बारा गांव निवासी पीडीएस दुकानदार अवधेश शर्मा के भतीजे कृष्णकांत कुमार ने रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि हर माह जनवितरण प्रणाली की दुकान का ऑडिट किया जाता है। इसी ऑडिट को पास कराने और दुकान का संचालन सुचारू रूप से जारी रखने के एवज में बीएसओ विनोद कुमार ने आठ हजार रुपये की मांग की थी।

शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का गुप्त सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की बात सही पाए जाने के बाद टीम ने कार्रवाई की योजना तैयार की।

इसके बाद बुधवार को तय रणनीति के तहत निगरानी विभाग की टीम सादे लिबास में नौबतपुर प्रखंड कार्यालय पहुंची।

केमिकल लगे नोट लेते ही टीम ने अधिकारी को दबोचा

योजना के तहत शिकायतकर्ता कृष्णकांत कुमार को निगरानी विभाग की ओर से केमिकल लगे नोट दिए गए। उसे तय रकम लेकर बीएसओ के कार्यालय कक्ष में भेजा गया।

जैसे ही विनोद कुमार ने आठ हजार रुपये अपने हाथ में लिए, पहले से आसपास मौजूद निगरानी टीम ने उन्हें पकड़ लिया।

कार्रवाई के दौरान टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली। इसके बाद आरोपी अधिकारी के हाथ धुलवाए गए। निगरानी विभाग के अनुसार हाथ धुलवाने पर पानी का रंग बदल गया, जिससे रिश्वत की रकम छूने की पुष्टि हुई। कार्रवाई के दौरान टीम ने आवश्यक कागजी प्रक्रिया भी पूरी की।

कार्रवाई की भनक लगते ही प्रखंड कार्यालय में मची अफरा-तफरी

निगरानी विभाग की कार्रवाई की जानकारी मिलते ही प्रखंड कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यालय से बाहर निकल आए और पूरे मामले को लेकर चर्चा होने लगी।

काफी देर तक निगरानी की टीम प्रखंड कार्यालय में मौजूद रही और संबंधित कागजात एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करती रही।

आरोपी बीएसओ विनोद कुमार को हिरासत में लेकर निगरानी विभाग की टीम पटना रवाना हो गई। अधिकारियों के अनुसार, पटना में पूछताछ के बाद आरोपी को विशेष निगरानी न्यायालय में पेश किया जाएगा।

पीडीएस दुकानदारों से वसूली की शिकायतों की भी चर्चा

बताया जाता है कि क्षेत्र में पीडीएस दुकानदारों से हर माह ऑडिट के नाम पर कथित वसूली की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं।

हालांकि, इन शिकायतों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बुधवार की कार्रवाई के बाद आपूर्ति विभाग से जुड़े कर्मचारियों के बीच भी हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

निगरानी विभाग की इस कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यालय में रिश्वतखोरी के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।