नालंदा पैठना टोल प्लाजा पर स्थानीय बसों से ज्यादा टोल वसूली का आरोप, चक्का जाम से यात्री परेशान
नालंदा के पैठना टोल प्लाजा पर स्थानीय बसों से निर्धारित से अधिक टोल वसूली के विरोध में बस मालिकों ने ...और पढ़ें

स्थानीय रूट की बसों से ज्यादा टोल लेने का आरोप
HighLights
पैठना टोल प्लाजा पर अधिक टोल वसूली का आरोप।
बस मालिकों ने चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
यात्रियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जागरण संवाददाता, रहुई(नालंदा)। प्रखंड क्षेत्र के पैठना टोल प्लाजा पर स्थानीय रूटों पर चलने वाली बसों से निर्धारित दर से अधिक टोल वसूली किए जाने के विरोध में मंगलवार को बस मालिकों ने चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। बस संचालकों के आंदोलन के कारण टोल प्लाजा के आसपास कुछ समय तक बसों का परिचालन प्रभावित रहा। इससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय रूट की बसों से ज्यादा टोल लेने का आरोप, क्यों भड़के संचालक?
बस मालिकों का आरोप है कि पैठना टोल प्लाजा पर कम दूरी वाले स्थानीय रूटों पर संचालित बसों से भी निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूली जा रही है।
उनका कहना है कि अतिरिक्त टोल देने से बस संचालकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। स्थानीय रूटों पर पहले से ही परिचालन खर्च अधिक होने के कारण इस तरह की वसूली से परेशानी और बढ़ रही है।

शिकायत के बाद भी नहीं सुलझा मामला, फिर चक्का जाम का लिया फैसला
बस संचालकों के अनुसार टोल शुल्क को लेकर कई बार संबंधित कर्मियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
लगातार शिकायत के बावजूद स्थिति में बदलाव नहीं होने पर बस मालिकों ने मंगलवार को चक्का जाम कर विरोध जताने का निर्णय लिया।
स्थानीय और लंबी दूरी की बसों के लिए शुल्क व्यवस्था स्पष्ट करने की मांग
बस मालिकों ने स्थानीय बसों के लिए टोल शुल्क की स्पष्ट और निर्धारित व्यवस्था लागू करने की मांग की। उनका कहना है कि निर्धारित दर से अधिक वसूली पर रोक लगनी चाहिए।
स्थानीय और लंबी दूरी की बसों के लिए शुल्क व्यवस्था साफ होने से टोल प्लाजा पर विवाद की स्थिति से भी बचा जा सकेगा।
चक्का जाम से टोल प्लाजा पर थमी बसों की रफ्तार, यात्री हुए परेशान
बस मालिकों के आंदोलन के कारण पैठना टोल प्लाजा के आसपास कुछ समय तक बसों की आवाजाही प्रभावित रही। बसों के परिचालन पर असर पड़ने से यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए परेशानी उठानी पड़ी। इससे टोल शुल्क का विवाद सीधे यात्री सुविधा से भी जुड़ गया।

मांग नहीं मानी तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
बस संचालकों ने कहा कि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है। वहीं, इस पूरे मामले की जानकारी एडीटीओ ने वरीय अधिकारी को दे दी है।
अब टोल प्लाजा प्रबंधन का पक्ष सामने आने के बाद ही निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली के आरोप की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
