NMCH में रैगिंग पर बड़ा एक्शन, 146 छात्रों की क्लास 3 महीने के लिए सस्पेंड; 24 घंटे में हॉस्टल खाली करने का आदेश
नालंदा मेडिकल कॉलेज (एनएमसीएच) में रैगिंग के आरोप में 2025 बैच के 146 छात्रों को तीन महीने के लिए कक्षा ...और पढ़ें

नालंदा मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने की सख्त कार्रवाई। फाइल
HighLights
एनएमसीएच में 146 छात्र रैगिंग के आरोप में निलंबित।
जूनियर छात्राओं से रैगिंग पर छात्रावास खाली करने का आदेश।
साइबर सेल आपत्तिजनक पीडीएफ की जांच कर रहा है।
जागरण संवाददाता, पटना सिटी। नालंदा मेडिकल कालेज (NMC) इस बार एमबीबीएस की सीटें 150 से बढ़ कर 200 होने का जश्न मना भी नहीं पाया था कि रैंगिग की बदनामी का बड़ा दाग लग गया।
बढ़ी हुई सीट पर वर्ष 2026 में नामांकित छात्र-छात्राओं के साथ वर्ष 2025 बैच के विद्यार्थियों द्वारा कई तरह से रैगिंग करने का मामला सामने आया।
इसकी शिकायत राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग, आल इंडिया एंटी रैगिंग कमेटी, बिहार ग्रीवांस सेल तक पहुंच गई। इसके बाद प्राचार्य से जवाब तलब किया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए कालेज प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है।
2025 बैच के छात्र-छात्राओं पर हुई कार्रवाई
प्राचार्य प्रो. डाॅ. उषा कुमारी ने मंगलवार को बताया कि जूनियर के साथ रैगिंग करने के मामले में आरोपित वर्ष 2026 बैच के सभी 146 छात्र-छात्राओं को अगले तीन महीने तक के लिए कक्षा से निष्कासित किया गया है।
जनवरी 2027 तक इनकी कक्षाएं सस्पेंड रहेंगी। साथ ही आधी रात को छत पर ले जाकर जूनियर छात्राओं के साथ रैगिंग करने के आरोप में वर्ष 2023 और 2024 के सभी छात्राें को छात्रावास खाली करने का आदेश गया है।
अगले आदेश तक के लिए इन्हें भी क्लास से सस्पेंड किया गया है। प्राचार्य ने बताया कि वर्ष 2025 बैच के सभी आरोपित विद्यार्थियों को चौबीस घंटों के भीतर छात्रावास खाली कर कालेज परिसर छोड़ने का आदेश दिया गया है।
2023 और 2024 की छात्रावास में रहने वाली छात्राओं पर भी कार्रवाई
प्राचार्य ने बताया कि जिन जूनियर विद्यार्थियों के साथ रैगिंग होने का मामला प्रकाश में आया है उसकी शिकायत राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग, आल इंडिया एंटी रैगिंग कमेटी, बिहार ग्रीवांस सेल को साक्ष्य के साथ भेजी गई है।
इसी के आलोक में यह क्लास सस्पेंड करते हुए छात्रावास खाली करने का आदेश दिया गया है। वर्ष 2025 के विद्यार्थियों ने प्राचार्य और तीन विभाग के शिक्षकों का फोटो लगा दिया।
इन्हें पहचानने और कई उटपटांग बातों का उल्लेख करते हुए इसे काॅलेज का नियम बताते हुए जूनियर को इसे मानने के लिए कहा।
इसका पीडीएफ बनाकर जूनियर के मोबाइल पर भेजा गया। इसमें वर्ष 2025 बैच के 146 विद्यार्थियों के नाम भी हैं। इसके साथ ही छात्राओं पर छात्रावास की छत पर नवनामांकित छात्राओं को आधी रात में ले जाकर रैगिंग करने की शिकायत भेजी गई है। छात्राओं को रोक कर नाम पता पूछने का भी आरोप है।
साइबर सेल को जांच के लिए भेजा गया
प्राचार्य प्रो. डाॅ. उषा कुमारी ने बताया कि रैगिंग से संबंधित सभी साक्ष्य के साथ साइबर सेल को पूरी जानकारी दी गई है। आपत्तिजनक पीडीएफ किसने बनाया और किस-किसने ने पोस्ट किया, इसकी जांच कर उचित कार्रवाई करने के लिए बिहार सरकार को लिखा गया है।
