पटना, अरुण सिंह। फ्लोरिडा के ऑरलेंडो में आयोजित जूनियर एनबीए ग्लोबल चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर भारतीय खिलाडिय़ों में शीर्ष पर रही बिहार की मुस्कान सिंह का बुधवार को पटना पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया। ऑरलेंडो के ईएसपीएन वाइड वर्ल्ड ऑफ स्‍पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में तीन से 11 अगस्त तक चली इस प्रतियोगिता में हालांकि भारतीय टीम कोई मुकाबला नहीं जीत सकी, लेकिन मुस्कान ने बास्केटबॉल कोर्ट पर अपनी मौजूदगी दमदार तरीके से पेश की। विपक्षी को चकमा देना हो या फिर गेंद को बास्के करना, दोनों में लखीसराय की बेटी ने शानदार प्रदर्शन कर खूब वाहवाही लूटी। इस चैंपियनशिप में 13 से 14 साल के 75 देशों से 300 खिलाडिय़ों ने भाग लिया, जिसमें भारतीय टीम की ओर से मुस्कान आकर्षण का केंद्र बनी रही। 

सबसे ज्यादा लिए 8.7 अंक

मुस्कान ने कुल पांच मैच खेले, जिसमें औसतन 8.7 अंकों के साथ वह भारतीय खिलाडिय़ों में सर्वश्रेष्ठ रही। दूसरे स्थान पर कप्तान मनमीत कौर को 5.7 अंक मिले। शोमिरा विद्या को 1.7 अंक से संतोष करना पड़ा। अफ्रीका के खिलाफ हुए लगातार दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम को 57-36 से शिकस्त झेलनी पड़ी। इसमें मुस्कान ने सबसे ज्यादा 11 अंक बटोरे। उसके मुकाबले ओशीन सिंह ज्यादा समय तक कोर्ट पर रही, लेकिन इसके बावजूद वह 8 अंक ही ले सकी। मौमिता को दो अंकों से संतोष करना पड़ा। दूसरी ओर, अफ्रीका की ओर से जाना इहाबु ने 24 अंक लेकर अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। 

एनबीए युवा खिलाडिय़ों के लिए सही प्लेटफाॅर्म

पटना एयरपोर्ट पर जोरदार स्वागत से गदगद मुस्कान ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, प्रशिक्षक गोपाल सिंह राणा, कृष्णा मिश्रा और बिहार बास्केटबॉल संघ के सचिव सुशील कुमार को दिया। सुशील कुमार ने बताया कि जल्द ही पटना में मुस्कान को संघ की ओर से सम्मानित किया जाएगा। एनबीए के अनुभव के बारे में मुस्कान ने बताया कि युवा खिलाडिय़ों के लिए यह टूर्नामेंट सही प्लेटफार्म है। इसमें कड़ी मेहनत कर आप आगे की राह आसान कर सकते हैं। आपकी पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनेगी और आप प्रोफेशनल लीग का हिस्सा बनकर शोहरत और पैसे दोनों कमा सकते हैं।

सीनियर बास्‍केटबॉल टीम में प्रवेश पाना लक्ष्‍य

लखीसराय के सूर्यगढ़ा प्रखंड स्थित खैरा गांव निवासी घनश्याम सिंह की पुत्री मुस्कान ने कहा कि अफ्रीकी देशों से मुकाबले के लिए अब भी भारतीय खिलाडिय़ों को काफी अभ्यास करनी पड़ेगी। कुछ दिन ब्रेक लेने के बाद मैं भी गहन अभ्यास में जुट जाऊंगी। मेरा लक्ष्य सीनियर भारतीय महिला बास्केटबॉल टीम में प्रवेश पाना है। साथ ही एशियाड में मै बास्केटबॉल टीम को पदक दिलाना चाहती है। 

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Posted By: Rajesh Thakur