बक्सर, जागरण संवाददाता। बक्‍सर व्यवहार न्यायालय के एडीजे आठ की अदालत में मंगलवार को हत्या मामले की सुनवाई की गई। न्यायाधीश आशुतोष कुमार सिंह ने मुन्ना यादव व रामजी उर्फ छोटक यादव के विरुद्ध आरोप सिद्ध पाया। इसके बाद उन्होंने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 55 हजार पाच सौ रुपये का अलग-अलग जुर्माना लगाया। वे ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के रामगढ़ डेरा के निवासी हैं। घटना 19 जुलाई 2016 को पूर्वाह्न नौ बजे घटी थी।

इस संबंध में अपर लोक अभियोजक त्रिलोकी मोहन ने बताया कि घटना की सूचक लीलावती देवी है। उन्होंने छह लोगों के विरुद्ध ब्रह्मपुर थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसमें बताया था कि मुन्ना और रामजी यादव ने मिलकर उनके पति कृष्णा यादव की चाकू से गोद दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना में बचाव करने पहुंचे ससुर दीनानाथ यादव और देवर सुनील यादव पर उन लोगों ने हमला कर दिया। इस वजह से वे बुरी तरह जख्मी हो गए। उनका रघुनाथपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार कराया गया। बाद में वे लोग स्वस्थ हो गए। उन्होंने बताया कि आज दो लोगों को सजा हुई है। चार की फाइल स्प्लिटअप करके अलग कर दी गई है। उस पर सुनवाई कोर्ट में चल रही है।

घटना पारिवारिक विवाद में घटी थी। मृतक कृष्णा व अन्य लोग आपस में भाई हैं। उन्होंने बताया कि भादवि की अलग-अलग धाराओं के तहत कोर्ट ने फैसला सुनाया। 302 में दोनों को आजीवन कारावास समेत पचास-पचास हजार का जुर्माना लगाया। इसके अलावा 323 में छह माह कारावास व पाच सौ का अर्थदंड, जुर्माने की राशि का भुगतान नहीं करने पर 15 दिन का कारावास। 324 में डेढ़ वर्ष कारावास व पाच हजार का जुर्माना, अर्थदंड नहीं देने पर एक माह का सश्रम कारावास की सजा स्वत: बढ़ जाएगी। सभी सजा साथ-साथ चलेगी। पर जुर्माना की राशि का भुगतान अलग-अलग करना होगा।

Edited By: Shubh Narayan Pathak