पटना में 1.5 लाख संपत्तियों पर ₹80 करोड़ का टैक्स बकाया, नगर निगम ने बनाई 3 स्पेशल टीमें
नगर निगम पटना बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संपत्ति कर का पुनर्मूल्यांकन करेगा और ₹80 करोड़ के बकाया कर की वसूली के लिए तीन विशेष टीमें बनाई हैं।

पटना नगर निगम ने बनाई 3 स्पेशल टीमें
HighLights
बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संपत्ति कर का पुनर्मूल्यांकन होगा।
₹80 करोड़ बकाया संपत्ति कर वसूली को तीन टीमें गठित।
कर दायरे से बाहर संपत्तियों का निर्धारण, पुरानी संपत्तियों का पुनर्मूल्यांकन।
जागरण संवाददाता, पटना। राजधानी के मॉल, निजी अस्पताल, बैंक्वेट हॉल, मार्केट कॉम्प्लेक्स एवं अन्य बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के निर्धारित संपत्ति कर का पुनर्मूल्यांकन एवं सत्यापन नगर निगम करेगा। इसके लिए टाउन प्लानर्स एवं आर्किटेक्ट्स की टीम द्वारा विशेष जांच कराई जाएगी।
वास्तविक क्षेत्रफल एवं उपयोग की जांच करते हुए संबंधित संपत्तियों के स्वीकृत नक्शे एवं उपलब्ध अभिलेखों से उसका मिलान किया जाएगा। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संपत्ति का वास्तविक निर्मित क्षेत्रफल, उपयोग की श्रेणी एवं अन्य संबंधित विवरण निगम के रिहार्ड में सही तरीके से दर्ज हैं।
जांच के दौरान बिल्डिंग बायलाज के उल्लंघन, स्वीकृत नक्शे से अधिक निर्माण अथवा संपत्ति के स्व-मूल्यांकन में किसी प्रकार की विसंगति पाए जाने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उक्त निर्देश नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने गुरुवार को राजस्व संवर्धन के लिए आयोजित बैठक में दिए।
15 दिनों के भीतर निर्धारित कार्य पूर्ण कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश
उन्होंने तीन विशेष टीमों का गठन करने तथा प्रत्येक टीम को निर्धारित लक्ष्य के साथ कार्य करने को भी कहा। इन टीमों द्वारा अभियान के तहत क्रमशः कर दायरे से बाहर की संपत्तियों का कर निर्धारण, पुरानी एवं वर्तमान संपत्तियों के कर निर्धारण का पुनर्मूल्यांकन तथा बड़े बकायेदारों से बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित की जाएगी।
सभी टीमों को 15 दिनों के भीतर निर्धारित कार्य पूर्ण कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। मौके पर उप नगर आयुक्त सुशील कुमार व जया, राजस्व टीम, राजस्व पदाधिकारियों एवं मुख्यालय के सभी वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।
कर दायरे से बाहर की संपत्तियों का होगा कर निर्धारण
नगर निगम द्वारा कर बिजली विभाग से प्राप्त छह लाख बिजली उपभोक्ताओं के आंकड़ों के आधार पर संबंधित उपभोक्ताओं से संपर्क कर उनकी संपत्ति के कर निर्धारण से संबंधित जानकारी एकत्रित की जा रही है। कर दायरे से बाहर पाई जाने वाली संपत्तियों का आवश्यक प्रक्रिया के तहत कर निर्धारण किया जाएगा।
पुरानी एवं वर्तमान संपत्तियों के कर निर्धारण का होगा पुनर्मूल्यांकन
नगर निगम की ओर से पुरानी एवं वर्तमान संपत्तियों के कर निर्धारण की जांच व पुनर्मूल्यांकन कराया जा रहा है। एक ही भवन के अलग-अलग फ्लैटों में सड़क की अलग-अलग श्रेणी के आधार पर कर निर्धारण के मामले सामने आए हैं। इससे कर निर्धारण में असमानता के साथ निगम के राजस्व को भी नुकसान की आशंका है। निगम ने सभी अंचलों को 4,000 अपार्टमेंट एवं भवनों की सूची उपलब्ध कराई है।
80 करोड़ रुपये के बकाये की होगी वसूली
नगर निगम क्षेत्र की 1.50 लाख संपत्तियों पर 80 करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया है। नगर आयुक्त ने बड़े बकायेदारों से संपर्क कर राशि जमा कराने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी। इनमें 689 संपत्तियां ऐसी हैं, जिन पर एक लाख रुपये से अधिक कर बकाया है। पहले चरण में इन बड़े बकायेदारों पर विशेष कार्रवाई कर बकाया राशि की वसूली की जाएगी।
| क्षेत्र का नाम | संख्या (हजार में) | मूल्य(करोड़ में) |
|---|---|---|
| अजीमाबाद | 28 हजार | 10.63 |
| बांकीपुर | 20 हजार | 10.88 |
| कंकड़बाग | 23 हजार | 13 |
| नूतन राजधानी | 26 हजार | 17.55 |
| पाटलिपुत्र | 36 हजार | 18.71 |
| पटना सिटी | 17 हजार | 9 |
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