विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 11, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एमपी, एमएलसी बन चैंबर ऑफ कॉमर्स का बढ़ाया मान

By JagranEdited By:
Published: Sun, 11 Oct 2020 07:30 AM (IST)

फोटो पीके अग्रवाल का लगना है.. -------------- लोगो इतिहास के झरोखे से.. ------------ -एक अध्यक्ष पटना के मेयर बनकर भी ...और पढ़ें

एमपी, एमएलसी बन चैंबर ऑफ कॉमर्स का बढ़ाया मान
एमपी, एमएलसी बन चैंबर ऑफ कॉमर्स का बढ़ाया मान

पटना । बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का नाम प्रतिष्ठित तो है ही, इसका गौरव बढ़ाने में इसके अध्यक्षों की भी महती भूमिका है। बिहार में कई उद्योग संगठन हैं, लेकिन बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज इकलौता ऐसा संगठन है जिसके आधा दर्जन अध्यक्ष एमपी, एमएलसी बनकर चैंबर का मान बढ़ाए। एक अध्यक्ष पटना के मेयर भी रह चुके हैं जबकि एक सदस्य संविधान सभा के सदस्य भी बनाए गए थे। फिलहाल चुनावी सरगर्मी तेज है। बिहार में वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में किसकी सरकार बनती है, यह तो समय ही बताएगा लेकिन एमपी, एमएलसी, मेयर बनने वाले चैंबर के अध्यक्षों की चर्चा इस समय खूब हो रही है।

डुमरांव महाराज कमल सिंह : डुमरांव महाराज कमल सिंह चैंबर के अध्यक्ष थे। उनका कार्यकाल 1976 से 1977 तक था। साथ ही वे बक्सर लोकसभा से चुनाव जीतकर संसद में भी पहुंचे। साथ ही विधायक भी बने।

राय बहादुर श्याम नंदन मंडल : रायबहादुर श्याम नंदन सहाय भी चैंबर के अध्यक्ष थे। उनका कार्यकाल 1943-44, 44-45, 45-46 तक था। बाद में एमएलसी बने। इसके अलावा संविधान सभा के भी सदस्य बनाए गए थे।

केएन सहाय : केएन सहाय भी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रेसिडेंट थे। उनका कार्यकाल सत्र 1964-65, 65-66, 69-70, 70-71 तक था। बाद में पटना के मेयर बने। इसके बाद उन्हें एमएलसी बनाया गया।

गौरीशंकर डालमिया : गौरीशंकर डालमिया चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रेसिडेंट थे। उनका कार्यकाल 1977-78, 78-79 सत्र तक था। इसके बाद एमएलसी बनाया गया।

लेफ्टिनेंट कर्नल सरंगधार सिंह : सरंगधार सिंह चैंबर के प्रेसिडेंट थे। वह 1949-50, 50-51 तक पद पर रहे। उसके बाद सांसद बने। लोकप्रियता की वजह से इन्होंने दो बार चुनाव जीता। इस तरह से दो बार संसद में पहुंचे।

-----------

राय बहादुर राम रणविजय सिन्हा : राय बहादुर राम रणविजय सिन्हा भी 1930-1931 तक चैंबर के प्रेसिडेंट थे। इसके बाद इन्हें ट्रेड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधि के तौर पर एमएलसी बनाया गया।

------------------

चैंबर के कई अध्यक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों के साथ ही राजनीति में भी अपनी पहचान बनाई। इससे चैंबर ऑफ कॉमर्स का गौरव बढ़ा।

पीके अग्रवाल, अध्यक्ष, बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज