पटना । खरीफ फसल के लिए इस वर्ष मानसून अनुकूल रहने की संभावना है। आगामी जून से सितंबर तक मानसून अवधि के लिए प्रथम चरण के पूर्वानुमान में सामान्य वर्षा होने की उम्मीद है। बीते साल जून में 46 फीसद कम वर्षा के कारण धान का बिचड़ा लगाने में किसानों को भारी परेशानी हुई थी।

मौसम विभाग ने भूमंडलीय जलवायु पूर्वानुमान प्रणाली से तैयार डाटा के आधार पर मानसून की जानकारी सोमवार को जारी की है। सामान्य वर्षा के पूर्वानुमान में बताया गया है मानसून अवधि में बहुत बड़ा जलवायु परिवर्तन नहीं हुआ तो न्यूनतम बारिश 96 प्रतिशत और अधिकतम 104 फीसद हो सकती है। बीते साल मानसून के प्रारंभ में भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में जो स्थिति बनी थी वह कमजोर होने लगी है। इस वर्ष मानसून के आरंभ में प्रशांत महासागर के ऊपर स्थितियां न्यूट्रल बनी हुई हैं। मानसून अवधि के मध्य में बारिश के लिहाज से वातावरण ऋणात्मक हो सकता है। ग्रीष्म मौसम में प्रबल गर्मी के कारण समुद्र की सतह पर तापमान अधिक हो सकता है। इसका असर वर्षापात पर पड़ने की संभावना है।

Posted By: Jagran