पटना, जेएनएन। बिहार में अपराध और दिल्ली में सरेंडर। मोकामा विधायक अनंत सिंह के मामले से ये बात तो साफ हो गई। शुक्रवार को आत्मसमर्पण के बाद नाम के वर्ण से जुड़े नियम के अनुसार अनंत सिंह को जेल संख्या-4 में रखा गया। स्वास्थ्य जाच के बाद जेल में आम कैदियों की तरह उन्हें रखा गया है। इस जेल से थोड़ी ही दूरी पर जेल संख्या-2 है, जिसमें सिवान के पूर्व सासद शहाबुद्दीन बंद हैं। तिहाड़ के अतिरिक्त उपमहानिरीक्षक राजकुमार ने बताया कि अनंत सिंह को केवल एक दिन के लिए ही तिहाड़ लाया गया है।

वीडियो बनाकर रखा था पक्ष
आत्मसमर्पण से पहले विधायक ने वीडियो बनाकर अपना पक्ष रखा व बिहार पुलिस पर भरोसा न होने की बात कही। पिछले कई दिनों से बिहार पुलिस विधायक की तलाश कर रही थी। अनंत पर घर में बम और एके-47 राइफल रखने का आरोप है। अनंत सिंह ने साकेत कोर्ट के कोट रूम नंबर 10 में दक्षिणी-पूर्वी दंडाधिकारी हारून प्रताप के सामने आत्मसमर्पण किया। सुनवाई के दौरान जज ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि अनंत सिंह के खिलाफ कोई शिकायत है कि नहीं। कोई शिकायत न होने पर उन्हें यहीं से छोड़ दिया जाएगा। साकेत थाने के एसएचओ को कोर्ट में बुलाया गया।


दिल्ली पुलिस की तरफ से कहा गया कि बिहार के सिटी एसपी को अनंत सिंह की फोटो भेजी गई है और उन्होंने विधायक की पहचान कर ली है। उनके खिलाफ दिल्ली में कोई केस नहीं है, इसलिए दिल्ली पुलिस उनको बिहार पुलिस के हवाले करेगी। इसके बाद बिहार पुलिस उन्हें वहा सक्षम कोर्ट के सामने पेश करेगी। इसके बाद कोर्ट ने अनंत को तिहाड़ जेल में भेज दिया। शनिवार को साकेत कोर्ट में मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अर्चना बेनीवाल की अदालत में उन्हें पेश किया जाएगा। इसके बाद कोर्ट उन्हें बिहार पुलिस के हवाले करेगी।

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