हाथीदह का नया डबल लेन रेलवे पुल तैयार, CSR जांच पूर्ण होने का इंतजार; उत्तर बिहार को मिलेगी राहत
हाथीदह में बन रहे नए डबल लेन रेलवे पुल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है, जिसकी सुरक्षा जांच ...और पढ़ें

माेकामा में डबल लेन पुल की चल रही जांच। फाइल
HighLights
हाथीदह में नया डबल लेन रेलवे पुल निर्माण लगभग पूरा।
रेलवे सेफ्टी कमिश्नर द्वारा पुल की सुरक्षा जांच जारी।
मंजूरी मिलते ही ट्रेनों का परिचालन होगा शुरू, यात्रा सुगम।
संवाद सूत्र, मोकामा (पटना)। हाथीदह में बन रहे नए डबल लेन रेलवे पुल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। पुल पर इंटरलॉकिंग का काम भी तकरीबन पूरा हो चुका है।
रेलवे के सेफ्टी कमिश्नर की मौजूदगी में पुल का निरीक्षण और तकनीकी जांच की जा रही है। दानापुर रेल मंडल प्रबंधक विनोद कुमार के अनुसार, शनिवार से पुल की सुरक्षा जांच शुरु हुई है। रविवार को भी सुरक्षा जांच की जाएगी।
कमिश्नर ऑफ रेल सेफ्टी की मंजूरी मिलते ही नए पुल पर ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। नए पुल पर अप एवं डाउन सिंगल लाइन के साथ दो अतिरिक्त रेल लाइनें भी बनाई गई हैं।
ट्रेनों के परिचालन की राह होगी आसान
इससे ट्रेनों के परिचालन में काफी सुविधा होगी और रेल यातायात की क्षमता बढ़ेगी। इधर, हाथीदह अपर जंक्शन के प्लेटफॉर्म का निर्माण कार्य भी लगभग अंतिम चरण में पहुंच गया है।
प्लेटफॉर्म से जुड़े शेष कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है। यह परियोजना उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नए पुल के शुरु होने से ट्रेनों का परिचालन अधिक सुगम और यात्रियों को अत्यधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है। गंगा नदी पर बने ऐतिहासिक राजेंद्र सेतु के समानांतर बने नए रेल पुल से यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी।
समय की बचत के साथ यात्रा सुगम होगी। अभी राजेंद्र सेतु के सिंगल लाइन से ट्रेनों का परिचालन हो रहा है। रेलवे के इस निर्माण कार्य को बिहार की जनता का शानदार तोहफा माना जा रहा है।
दैनिक यात्रियों के लिए साबित होगा वरदान
खास कर मोकामा और बेगूसराय तक सड़क मार्ग से काफी महंगा सफर करने वाले दैनिक यात्रियों के लिए नया रेल पुल वरदान साबित होगा।
कम खर्च और समय की बचत होने से मोकामा, लखीसराय, बेगूसराय, समस्तीपुर, पटना की यात्रा करने वाले यात्रियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
सिंगल रेल लाइन के कारण इन क्षेत्रों के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। सड़क मार्ग की यात्रा में दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती थी। अब रेलवे की सफल कवायद से लोगों में उत्साह का माहौल बन गया है।
