'IG ने हाथ मरोड़ा; SHO ने किया अभद्र व्यवहार', विधान परिषद में शशि यादव का आरोप, सभापति बोले- संज्ञान लेगी सरकार
बिहार विधान परिषद में भाकपा (माले) की विधान पार्षद शशि यादव ने 22 जुलाई के छात्र प्रदर्शन के दौरान पटना ...और पढ़ें

विधान परिषद में अपनी व्यथा सुनातीं एमएलसी शशि यादव।
HighLights
शशि यादव ने पटना आईजी पर हाथ मरोड़ने का आरोप लगाया।
कोतवाली थाना प्रभारी पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया।
अपने खिलाफ दर्ज चोरी-छिनतई की FIR को नकारा।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधान परिषद के मानसून सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को 22 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन और उसके बाद की पुलिस कार्रवाई का मुद्दा विपक्ष ने जोरदार ढंग से उठाया।
भाकपा (माले) की विधान पार्षद शशि यादव ने सदन में पटना के आईजी और कोतवाली थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए सभापति ने कहा कि सरकार इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लेगी।
आईजी पर हाथ मरोड़ने का लगाया आरोप
शशि यादव ने सदन में कहा कि 22 जुलाई को लंच ब्रेक के दौरान उन्हें मोबाइल पर छात्राओं के रोने का वीडियो दिखाई दिया।
इसके बाद वह उन्हें सांत्वना देने के लिए मौके पर पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां मौजूद पटना के आईजी ने उनका हाथ मरोड़ दिया, जिससे उनका हाथ अब भी सूजा हुआ है।
उन्होंने कहा कि छात्राओं के साथ पुलिस का व्यवहार बेहद आपत्तिजनक था और जब उन्होंने हस्तक्षेप करने का प्रयास किया तो उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया गया।
कोतवाली थानेदार पर अभद्र व्यवहार का आरोप
शशि यादव ने आगे कहा कि प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए छात्रों की जानकारी लेने के लिए वह बाद में कोतवाली थाना गई थीं।
उनका आरोप है कि वहां थाना प्रभारी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और कहा, जहां जाना है, जाइए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उनके साथ इस तरह का व्यवहार किया गया।
शशि यादव के आरोपों के बाद सभापति ने कहा कि सरकार इस मामले का संज्ञान लेगी और आवश्यक कार्रवाई करेगी।
चोरी और छिनतई की एफआईआर पर भी जताई नाराजगी
सदन में शशि यादव ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले उनके खिलाफ चोरी और छिनतई का मामला दर्ज कराया गया है।
आरोप लगाया गया है कि उन्होंने एक भाजपा नेता की अंगूठी और चेन छीन ली तथा उनकी जेब से 15 हजार रुपये निकाल लिए। साथ ही उपद्रवियों का सहयोग करने का भी आरोप लगाया गया है।
इन आरोपों को खारिज करते हुए शशि यादव ने कहा कि राजनीतिक आंदोलनों में मुकदमे दर्ज होना नई बात नहीं है। उन्होंने कहा, 'केस को तो मैं अपना गहना समझती हूं, लेकिन यदि जनआंदोलन से जुड़ा मामला है तो उसी से संबंधित केस दर्ज कीजिए। चोरी-छिनतई जैसे आरोप लगाना उचित नहीं है।'
उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने और विपक्षी आवाजों को कमजोर करने के लिए इस तरह के मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
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