हाजीपुर, जागरण संवाददाता। Hajipur Crime: हाजीपुर में कथित तौर पर अपहृत महिला डाक्‍टर को पुलिस ने आखिरकार दो महीने बाद ढूंढ निकाला है। इस मामले में पुलिस की लापरवाही के बाबत कुछ ही दिनों पहले दैनिक जागरण में खबर प्रकाशित हुई थी। इसके बाद हरकत में आई नगर थाना की पुलिस ने 48 घंटे के अंदर बरामद कर न्यायालय में शनिवार को प्रस्तुत किया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रेमचंद्र वर्मा ने धारा 164 के तहत उसका बयान न्यायिक दंडाधिकारी प्रियंका के समक्ष कलमबंद कराया। उसके बाद अपहृत डाक्‍टर से आपबीती घटना से संबंधित आवेदन बंद लिफाफा में लिया तथा उसे चिकित्सीय जांच के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार महिला डाक्‍टर नगर थाना क्षेत्र में ही नर्सिंग होम चलाती है। वह यहां अपनी मां के साथ रहती थी। इस नर्सिंग होम में एक सरकारी डाक्‍टर बतौर सर्जन सेवा देने के लिए आते-जाते रहते थे। बीते तीन जून को महिला डाक्‍टर की मां अपनी ससुराल वाले गांव चली गई। दूसरे दिन लौट कर जब वह हाजीपुर आई तो देखा कि नर्सिंग होम में ताला लटका हुआ है। 

नर्सिंग होम के स्टाफ ने महिला डाक्‍टर की मां बताया कि वे उसी डाक्‍टर के साथ कही चली गई हैं। नर्सिंग होम की चाबी स्‍टाफ के पास ही मिल गई। रात तक इंतजार करने पर भी महिला डाक्‍टर नहीं लौटी। उसकी खोज खबर के लिए साथ गए डाक्‍टर को काल करने की कोशिश करने पर उसका मोबाइल बंद मिला।

पुत्री का कुछ भी पता नहीं चलने के बाद मां ने डाक्‍टर के खिलाफ अपनी पुत्री का अपहरण कर लिए जाने की प्राथमिकी नगर थाना में दर्ज कराई थी। दर्ज प्राथमिकी में आरोपित चिकित्सक को पूर्व से शादीशुदा तथा दो बच्चों का बाप होना बताया गया था। दर्ज प्राथमिकी के आलोक में हाजीपुर नगर थाना की पुलिस मामले की जांच में जुट गई थी।