पटना [जेएनएन]। मुफ्तखोर पुलिस को फ्री में सब्‍जी नहीं देने पर खाकी को गुस्‍सा क्‍या आया, 14 साल का एक निर्दोष नाबलिग डकैती का आरोपी बना दिया गया। लेकिन, साजिश का पर्दाफाश हो गया। तब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मामले की जांच का आदेश दिया। जांच में नाबालिग को निर्दोष पाए जाने पर पटना के अगमकुआं थाना के दोषी पुलिसकमर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हुई। इसके बाद गुरुवार को तीन महीने तक बेवजह जेल व रिमांड होम में रहने के बाद नाबालिग रिहा हो गया।

विदित हो कि बीते दिनों पटना के अगमकुआं थाना की पुलिस को सब्‍जी विक्रेता दुखन पासवान (काल्‍पनिक नाम) के बेटे ने मुफ्त सब्‍जी देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद थाना पुलिस ने उसे डकैती के एक मामले में आरोपित बना जेल भेज दिया। पुलिस ने इसके पहले उसे पांच दिनों तक थाना हाजत में बंद रखा तथा उसके साथ मारपीट भी की।

नाबालिग के पिता एएएसपी से लेकर डीजीपी तक अपनी गुहार लेकर घूमते रहे, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। इस बीच मामला मीडिया कर नजर में आ गया। जब यह खबर मीडिया में आ गई, तब इसपर मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार की भी नजर पड़ी। उन्‍होंने मामले की जांच का आदेश दे दिया।

जांच में नाबालिग निर्दोष पाया गया। इसके बाद दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हुई। 11 पुलिसकर्मियों को तत्‍काल निलंबित किया गया। दो थानेदारों को भी जिला बदर कर दिया गया। अंतत: निर्दोष नाबालिग ने तीन महीने बाद खुली हवा में सांस ली।

Posted By: Amit Alok

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