पटना, राज्य ब्यूरो। बिहार विधानसभा में राजद विधायक भाई वीरेंद्र की हंसी-मजाक वाली टिप्पणी को सरकार और विपक्षी दल के सदस्य अक्सर गंभीरता से नहीं लेते हैं, लेकिन बुधवार को उनकी टिप्पणी को ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री शैलेश कुमार ने दिल पर ले लिया। कहने लगे...जो मन में आता है, बोल देते हैं। इनकी आदत है। बैठे-बैठे कुछ बोलते रहते हैं। इनके 15 साल के राज में 710 किलोमीटर सड़क बनी। हम 93 हजार किमी सड़क बना चुके हैं। मंत्री के इतना बोलने के बाद भाई वीरेंद्र भी कुछ कहना चाहते थे, मगर मंत्री ने मौका नहीं दिया। अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी से आग्रह किया कि इनकी टिप्पणी को प्रोसीडिंग से हटा दीजिए। उन्होंने राजद विधायक से माफी मंगवाने का आग्रह सभा अध्यक्ष से किया।

विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने भाई वीरेंद्र की टिप्पणी को प्रोसीडिंग से हटा दिया। उन्होंने भाई वीरेंद्र को भी नसीहत दी-बैठे-बैठे कुछ मत बोल दीजिए। असल में राजद विधायक ने शैलेश कुमार की ईमानदारी पर सवाल उठाया था। मंत्री बेहद आहत हुए। हालांकि उनके तेवर को देखते हुए भाई वीरेंद्र खामोश हो गए। सत्ता पक्ष के कुछ विधायक मांग कर रहे थे कि भाई वीरेंद्र माफी मांगे। 

कहिए तो बंद कर दें पीपा पुल

राजद विधायक शिवचंद्र राम और पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव के बीच भी तीखी नोक झोंक हुई। लेकिन, उसमें आहत करने वाली बात नहीं थी। शिवचंद्र राम का कहना था गंगा नदी पर पटना-हाजीपुर के बीच बना पीपा पुल खतरनाक हो गया है। उनकी अपनी गाड़ी तीन बार नदी में गिरने से बची है। पीपा पुल तक जाने वाला एप्रोच रोड नदी के कटाव के दायरे में आ गया है। मंत्री उनकी सूचना से सहमत नहीं थे। उनका कहना था कि नदी में पानी कम होने के बाद एप्रोच रोड का दायरा बढ़ जाता है। खाली हुए हिस्से को भर कर फिर काम के लायक बना दिया जाता है। यह कटाव नहीं है। हालांकि राजद विधायक अपने कहे पर अड़े हुए थे। दावा कर रहे थे कि उन्हें इजाजत मिले तो पीपा पुल के एप्रोच रोड के खतरनाक हिस्से की तस्वीर ले आएंगे। मुख्यमंत्री को भी दिखा देंगे। उन्होंने सदन की कमेटी से इस मामले की जांच की मांग की। राजद विधायक जोर से बोल रहे थे, इसपर नंदकिशोर यादव ने कहा-कहिए तो पीपा पुल को बंद करा दें।

जवाब नहीं पढ़ते विधायक

नई व्यवस्था के तहत ढेर सारे अल्पसूचित और तारांकित सवालों के लिखित जवाब विधायकों को दे दिए जाते हैं। बहुत कम ही विधायक उन्हें पढ़कर सदन में आते हैं। बुधवार को विधायक नवाज आलम को ग्रामीण कार्य विभाग का लिखित जवाब मिल गया था। वह इसे नहीं पढ़ पाए थे। उनकी मांग पर विधानसभा अध्यक्ष ने विभागीय मंत्री शैलेश कुमार को कहा-उत्तर दिया है। नहीं पढ़े हैं। मंत्रीजी, आप पढ़ दीजिए। 

Posted By: Rajesh Thakur

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