मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

पटना [राज्य ब्यूरो]। जल संसाधन मंत्री संजय झा ने कहा है कि राज्य को बाढ़ से स्थायी तौर पर निजात दिलाने के लिए कुछ ठोस कदम उठाने की जरूरत है। इसमें केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। राज्य सरकार जल्द ही इसके लिए केंद्र से बातचीत करेगी। उन्होंने कहा कि नेपाल में हाई डैम, गंगा से गाद की निकासी और नदियों को जोडऩे की योजना पर एक साथ काम शुरू हो तो राज्य को बाढ़ से राहत मिल जाएगी। यही नहीं, इससे दक्षिण बिहार में सिंचाई की बेहतर सुविधा भी उपलब्ध हो जाएगी। 

मालूम हो कि गंगा से गाद निकालने के लिए स्पष्ट नीति बनाने की मांग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लंबे अरसे से कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने यूपीए शासन के दिनों में तत्कालीन प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह को पत्र लिखा था। एनडीए-1 की सरकार में भी उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अगस्त 2016 में पत्र लिखा। एक बार फिर केंद्र सरकार से यह मांग को दोहराई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने गंगा में गाद की वजह भी बताई थी। उनके मुताबिक फरक्का बराज के कारण गंगा तेज प्रवाह के साथ नहीं बह पाती है। राज्य सरकार ने फरक्का बराज को गैर-जरूरी बताते हुए इसे ध्वस्त करने की मांग की थी। 

झा ने कहा कि राज्य सरकार आज भी इस राय पर कायम है कि गंगा की धारा को अविरल बनाने के लिए गाद निकालना जरूरी है। इसके कारण नदी की गहराई कम हो रही है। गाद के चलते गंगा में बाढ़ के दिनों में सहायक नदियों का पानी नहीं जा पाता है। यह उत्तर बिहार की बाढ़ का एक प्रमुख कारण है।

उन्होंने कहा कि नेपाल में कोसी पर हाई डैम का मामला भी अंतरराष्ट्रीय है, इसलिए केंद्र सरकार से आग्रह किया जाएगा कि वह नेपाल से बातचीत कर बराज बनाने की पहल करे। झा ने कहा कि नदियों को जोडऩे की योजना भी केंद्र के पाले में है। यह बाढ़ के साथ-साथ सूखे की समस्या के निदान के लिए भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार नदियों को जोडऩे की महात्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। हमारी कोशिश होगी कि इस पर जल्द काम शुरू हो। 

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Posted By: Rajesh Thakur

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