पटना [जेएनएन]। आइजीआइएमएस के मनोचिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार ने तनाव को कई रोगों का जोखिम कारक बताया। उन्होंने कहा कि तनाव एक सार्वभौमिक घटना है जो युवाओं और किशोरों सहित सभी आयु वर्ग के समूहों को प्रभावित करता है।

उन्होंने तनाव का स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव तथा आत्महत्या के जोखिमों के संबंध को बताया। छात्रों के लिए उन्होंने कहा कि इस वार्ता का अंर्तनिहित संदेश यह है कि आप सकारात्मक  विचार उत्पन्न करें तथा जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखें। इससे तनाव संबंधी जोखिमों से आप दूर रह सकते हैं।

 

डॉ. संचिता महापात्रा ने किशोरावस्था में होने वाले जैविक परिवर्तन के कारण होने वाले तनाव के बारे में छात्रों को बताया। संचिता महापात्रा ने कहा कि किशोर इस तनाव के कारण प्राय: अवसाद में चले जाते हैं। उन्होंने इस मानसिक परिस्थिति से निपटने के लिए कुछ प्रतिवादतंत्र के विषय में जानकारी दी।

साथ ही राज्य स्वास्थ्य सोसाइटी के नोडल आफिसर डॉ. एनके सिन्हा ने बिहार सरकार के स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम की जानकारी दी। कार्यक्रम के शुभारम्भ में प्रो. पूर्णिमा शेखर ने सभी का स्वागत किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. एसपी शाही भी मौजूद थे। आद्री के निदेशक डॉ. प्रभात घोश ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

By Kajal Kumari