जागरण संवाददाता, पटना

बदलते परिवेश, बदलते माहौल और बदलती जीवन शैली में बेटियों को सशक्त और सबल बनाना समय की जरूरत है। निर्भया कांड के बाद इसे पूरा करने के लिए जुनून बनाया चैरिटेबल ट्रस्ट मां प्रेमा फाउंडेशन ने। फाउंडेशन राजधानी के सभी बड़े महिला महाविद्यालयों में बारी-बारी से लड़कियों को 'ईव टीजिंग' से बचाव के लिए आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दे रहा है। पहले चरण में छह कॉलेजों की हजारों छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

महिला कॉलेजों एवं स्कूलों में प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया जारी है। फाउंडेशन के सह संस्थापक जय शंकर सिंह ने बताया कि सूबे के सभी कॉलेजों के साथ स्कूलों की लड़कियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाना है। प्रशिक्षक छात्राओं को 'जूडो -कराटे के साथ-साथ 'नाइजीरियन सेल्फ डिफेंस' की कला सीखा रहे हैं। इसमें निपुण छात्राएं किसी से भी दो मिनट में दो-दो हाथ कर सकती हैं।

छह कॉलेजों में प्रशिक्षण संपन्न, सभी लड़कियों को मिलेगा
फाउंडेशन के बैनर तले अब तक राजधानी के छह बड़े कॉलेजों की छात्राओं को सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसमें जेडी वीमेंस कॉलेज, कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट एंड साइंस, अरविंद महिला कॉलेज, गंगा देवी महिला महाविद्यालय और पटना सिटी की आरपीएम महिला महाविद्यालय है। 'सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग फॉर इव टीजिंग' प्रशिक्षण के तहत छात्राओं को 'मार्शल आर्ट' और 'नाइजीरियन सेल्फ डिफेंस' की बारीकियों को बताया जाता है। बेहतर कार्य को देखते हुए पटना की मेयर सीता साहू की पहल पर अब नगर निगम के सभी प्लस टू व माध्यमिक स्कूलों में छात्राओं को सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण कराने के लिए निगम के साथ समझौता किया गया है।

निर्भया कांड के बाद सुरक्षा के लिए की पहल
दिल्ली में घटी निर्भया कांड के बाद फाउंडेशन की संस्थापक प्रेमा कुमारी ने छात्राओं की सुरक्षा के लिए कार्य करने की जिद ठानी। इसके बाद उन्होंने जय शंकर सिंह के सहयोग से मां प्रेमा फाउंडेशन नाम से चैरिटेबल ट्रस्ट का गठन किया। इसमें खुद व जन सहयोग से बेटियों की सुरक्षा के लिए स्कूल व कॉलेजों में सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण दिला रही हैं।

सिखाई जाती है तकनीक
आम जीवन में कहीं आने जाने के दौरान बेटियों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बताया जाता है कि किसी भी परिस्थिति में उन्हें डरने की नहीं बल्कि सबल होने की जरूरत है। प्रशिक्षक अरुणिमा बताती हैं कि यदि कोई पीछे से दुपट्टा खींचे तो सबसे पहले दुपट्टे को लड़के के गले में फंसाएं। फिर झटके से खींच कर उसे आसानी से गिराया जा सकता है।

 

By Krishan Kumar