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TRE-3 पेपर लीक केस में MBBS डॉक्टर गिरफ्तार; 30 अभ्यर्थियों को हजारीबाग ले जाकर रटवाए गए थे जवाब

Published: Tue, 28 Jul 2026 06:54 PM (IST)

BPSC TRE-3 पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई ने एमबीबीएस डॉक्टर मनीष कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोप है ...और पढ़ें

पेपर लीक मामले में ग‍िरफ्तार डॉ. मनीष कुमार।

पेपर लीक मामले में ग‍िरफ्तार डॉ. मनीष कुमार।

HighLights

  1. एमबीबीएस डॉक्टर मनीष कुमार TRE-3 पेपर लीक में गिरफ्तार।

  2. 30 अभ्यर्थियों को हजारीबाग ले जाकर उत्तर रटवाए।

  3. मुख्य सरगना संजीव मुखिया के बेटे का दोस्त।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-3) पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एमबीबीएस डाॅक्टर मनीष कुमार को गिरफ्तार किया है। 

आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या 06/2024 में यह गिरफ्तारी सोमवार को की गई। यह टीआरई पेपर लीक कांड में 296वीं गिरफ्तारी है।

ईओयू के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी डाॅ. मनीष कुमार जहानाबाद जिले के परसबिगहा थाना क्षेत्र के नेहालपुर गांव का रहने वाला है।

जांच में सामने आया है कि उसकी मित्रता इस मामले के मुख्य सरगना संजीव मुखिया के बेटे डाॅ. शिव से थी।

आरोप है कि इसी नेटवर्क के माध्यम से टीआरई परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक कर अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले उपलब्ध कराने की साजिश रची गई थी।

30 अभ्यर्थियों को पटना से लेकर गया था हजारीबाग उत्तर रटवाने

डाॅ. मनीष को प्रत्येक अभ्यर्थी की सेटिंग के बदले 50 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया गया था। ईओयू के अनुसार, 15 मार्च 2024 को आयोजित टीआरई-3 परीक्षा से दो-तीन दिन पहले डाॅ. मनीष करीब 30 अभ्यर्थियों को पटना से वाहन से हजारीबाग स्थित होटल लेकर गया था।

वहां कथित तौर पर उन्हें परीक्षा से पहले लीक प्रश्नपत्र के उत्तर रटवाये गए ताकि वे परीक्षा में सफल हो सकें। अभ्यर्थियों को वहां छोड़ने के बाद वह वापस पटना लौट आया था।

डाॅ. मनीष ने वर्ष 2021 में एनएमसीएच पटना से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी। वह कैमूर जिले में चिकित्सक के पद पर कार्य कर चुका है और वर्तमान में सरकारी सेवा से इस्तीफा देकर पीजी की तैयारी कर रहा था।

एजेंसी ने कहा है कि मामले के अन्य पहलुओं की भी गहन जांच जारी है तथा इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।