पटना, राज्य ब्यूरो। Bihar Medical Admission News: बिहार के सरकारी और गैर-सरकारी मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस की सीटें बढऩे जा रही हैं। अगर राज्य सरकार के प्रस्ताव को केंद्र से मंजूरी मिल गई तो अगले सत्र से 950 सीटों का इजाफा हो जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने गुरुवार को विधानसभा में यह जानकारी दी। वे विभाग के प्रथम अनुपूरक पर हुई बहस का जवाब दे रहे थे। सदन ने प्रथम अनुपूरक के जरिए तीन हजार छह सौ करोड़ रुपये से अधिक की स्वास्थ्य विभाग की मांग को ध्वनिमत से स्वीकृति दी।

उन्होंने बताया कि राज्य के प्राय: सभी जिले में सरकारी मेडिकल कालेज खुल रहे हैं। कई कालेज अस्तित्व में आ भी गए हैं। इनमें एमबीबीएस की पढ़़ाई होगी। इनसे जुड़े अस्पतालों में नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा भी मिलेगी। मंगल पांडेय ने कहा कि मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना राज्य सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। पटना मेडिकल कालेज परिसर में 5462 बेड का अस्पताल अगले पांच साल में बन कर तैयार हो जाएगा। इसके साथ ही इस कालेज में एमबीबीएस की सीटों की संख्या दो सौ से बढ़ कर ढाई सौ हो जाएगी। पीजी की सीटों की संख्या दो सौ हो जाएगी। अभी यह 146 है।

पूर्णिया के सरकारी मेडिकल कालेज में अगले सत्र से एमबीबीएस कोर्स में सौ छात्र-छात्राओं का दाखिला होगा। उन्होंने बताया कि पूर्णिया के अलावा सारण, समस्तीपुर, मधुबनी, सीतामढ़ी, वैशाली, सिवान, बेगूसराय, जमुई, बक्सर एवं आरा में मेडिकल कालेज बनाने की प्रक्रिया चल रही है। उनमें से कुछ कालेजों में अगले सत्र से पढ़ाई शुरू हो जाएगी। सभी मेडिकल कालेजों के साथ बड़े अस्पतालों का भी निर्माण होगा। निर्माण पूरा होने के बाद मरीजों की चिकित्सा के लिए हजारों बेड उपलब्ध हो जाएंगे।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि दंत चिकित्सा और आयुर्वेद के अध्ययन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। पटना स्थित आयुर्वेदिक कालेज एवं अस्पताल में यूजी सीटों की संख्या सौ से बढ़ाकर 125 कर दी गई है। बेगूसराय आयुर्वेदिक कालेज में सीटों की संख्या 30 से बढ़ कर 38 हो गई है।