पटना। बसपा सुप्रीमो मायवती के जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया के संबंध में दिए गए जातिवादी बयान पर कन्हैया के परिवार वालों ने कड़ा ऐतराज जताया है। मायावती ने अंबेदकर जयंती समारोह को संबोधित करते हुए लखनऊ में कहा था कि कन्हैया दलित नहीं, भूमिहार बिरादरी का है और वह दलितों को गुमराह कर रहा है। उसके झांसे में नहीं आएं।

मायावती ने कहा कन्हैया वामपंथी दलों का मोहरा है। वह केवल दलितों को गुमराह करने के लिए डॉ अंबेडकर के गरीबी हटाओ कार्यक्रम की बात कर रहा है, जिसे भाजपा तूल देकर केवल डॉ अंबेडकर के मूवमेंट दलित उत्थान को कमजोर करना चाहती है।

मायावती के इस बयान पर बिहार के बेगूसराय जिला स्थित एक गांव में रहने वाले कन्हैया के परिजनों ने आपत्ति दर्ज की है। कन्हैया के भाई प्रिंस ने कहा है समाज सेवा के लिए दलित होना जरूरी नहीं। कन्हैया शोषण के खिलाफ काम करता है। जरूरी नहीं कि केवल दलितों का ही शोषण हो। मायावती को अपनी भाषा व जुबान का ध्यान रखना चाहिए। कन्हैया के माता-पिता ने भी बेटे को जातिवादी खांचे में बांधकर देखने की आलोचना की है।

Edited By: Amit Alok