पटना । बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर के रिजल्ट में व्यापक बदलाव किया है। बोर्ड ने अब इंटर के रिजल्ट में अतिरिक्त विषय के अंक को भी जोड़ने का निर्णय लिया है। अगर कोई छात्र अनिवार्य विषय यानी भाषा विषय को छोड़कर किसी अन्य विषय में फेल करता है तो उसके रिजल्ट में अतिरिक्त विषय का अंक जोड़कर रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा। यह लाभ केवल फेल हो रहे छात्रों को ही प्रदान किया जाएगा। इससे बोर्ड के रिजल्ट में काफी वृद्धि होने का अनुमान है। नई व्यवस्था वर्ष 2019-21 के सत्र से लागू कर दी जाएगी।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा कि नए पैटर्न से इंटर के लाखों परीक्षार्थियों को लाभ होगा। कई छात्र मुख्य विषय में कम अंक प्राप्त करते हैं, जबकि अतिरिक्त विषयों में अच्छे अंक प्राप्त करते हैं। अच्छे अंक प्राप्त करने के बावजूद जो छात्र फेल हो जाते हैं, उन्हें इससे मदद मिलेगी।

मालूम हो कि इंटर की परीक्षा में छात्रों को कुल छह विषयों की परीक्षा देनी होती है। इसमें पांच मुख्य एवं एक अतिरिक्त विषय होता है। नई व्यवस्था के अनुसार अतिरिक्त विषय के अंकों को जोड़ने का निर्णय लिया गया है।

बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि इंटर की परीक्षा में अब 100 अंकों की हिंदी की परीक्षा होगी। इसके अलावा छात्र 100 अंकों की किसी भी क्षेत्रीय भाषा का चयन कर सकते हैं। इसके लिए बोर्ड ने संस्कृत, मैथिली, उर्दू, प्राकृत, मगही, भोजपुरी, अरबी, फारसी, पाली एवं बांग्ला का विकल्प दिया है। पूर्व में परीक्षार्थियों को 50 अंक की हिंदी एवं 50 अंक की अंग्रेजी की परीक्षा देनी होती थी। इसके अलावा 100 अंक का भाषा का दूसरा पेपर भी देना होता था।

समिति की सिफारिश पर बोर्ड ने किया अमल :

समिति के अध्यक्ष ने कहा कि परीक्षा में बदलाव करने से पहले बोर्ड ने एक समिति का गठन किया था। समिति ने सीबीएसई, आइसीएसई, राजस्थान बोर्ड, छत्तीसगढ़ बोर्ड सहित देश के कई बोर्ड की परीक्षा प्रणाली का अध्ययन करने के बाद बिहार बोर्ड की परीक्षा प्रणाली में बदलाव करने का निर्णय लिया है। नए परीक्षा प्रणाली के अनुसार विषय वन में हिंदी अथवा अंग्रेजी को अनिवार्य कर दिया गया है। विषय टू में 11 विषयों को शामिल किया गया है।

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: अतिरिक्त विषय के विकल्प में वृद्धि :

परीक्षा समिति द्वारा विषय पैटर्न में भी बदलाव किया गया है। बोर्ड अध्यक्ष के अनुसार पहले छात्रों को अतिरिक्त विषय का विकल्प बहुत कम मिलता था, लेकिन अब बोर्ड ने उसे काफी बढ़ा दिया है। वर्तमान में विज्ञान के छात्र मात्र गणित, कंप्यूटर साइंस एवं मल्टीमीडिया को वैकल्पिक विषय के रूप में ले सकते हैं। लेकिन नए पैटर्न के अनुसार विज्ञान संकाय में भौतिकी, रसायन, गणित लेने वाले छात्र जीव विज्ञान को अतिरिक्त विषय के रूप में ले सकते हैं। इसके अलावा जिन छात्रों की भाषा विषयों में रुचि है, वे हिंदी, अंग्रेजी के अलावा दस अन्य भाषाओं को अतिरिक्त विषय के रूप में ले सकते हैं। अब तक विज्ञान के छात्रों को अतिरिक्त विषय के रूप में भाषा के विषयों को रखने का प्रावधान नहीं था।

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Posted By: Jagran

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