पटना, दिलीप ओझा। कोरोना संक्रमण झेल रहे बिहार के ऑटोमोबाइल बाजार में में लंबे समय बाद नोटों की बारिश हुई। विश्वकर्मा पूजा पर बिक्री उम्मीद से काफी बेहतर रही। कोरोना पूर्व जैसी रौनक लौटते ही बिक्री ने रफ्तार पकड़ ली। अनुमान लगाया गया है कि बिहार में विश्‍वकर्मा पूजा के दिन करीब 35 करोड़ रुपये के पांच हजार बाइक बिके। राज्‍य में करीब 36 करोड़ के छह सौ चारपहिया वाहनों की बिक्री का भी अनुमान लगाया गया है। चारपहिया वाहनों में कारों की अच्‍छी संख्‍या रही। खास बात यह है कि विक्रेताओं ने माना कि इस साल कोरोना के बावजूद कारोबार पिछले साल के बराबर पहुंच गया।

विश्वकर्मा पूजा से उम्मीद तो थी लेकिन कारोबार उससे अधिक हुआ। देनी टीवीएस के निदेशक अमरजीत सिंह ने कहा कि बाजार लंबे समय बाद पटरी पर लौटता दिखाई दिया। बिहार में 5000 बाइक बिकने का अनुमान है, जिनकी कीमत करीब 35 करोड़ रुपये है। हीरोमोटो कार्प की अधिकृत एजेंसी चंदन ऑटोमोबाइल के निदेशक पुष्पेश सरस ने कहा कि सिर्फ पटना में ही करीब 1200 दोपहिया वाहन बिकने का अनुमान है। अमरजीत सिंह ने कहा कि कोरोना काल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की तुलना में निजी वाहनों को लोग अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। इस वजह से भी बिक्री को बल मिला है। उम्मीद यह भी कि आगे भी बजार में सुधार जारी रहेगा।

जानकारों का कहना है कि स्कूटी, मोपेड, मोटरसाइकिल के सभी मॉडलों पर ग्राहक मेहरबान दिखाई दिए। दोपहिया की ही तरह चारपहिया की भी मांग भी अच्छी रही। बिहार में करीब 600 चारपहिया बिकने का अनुमान है, जिनकी अनुमानित कीमत 36 करोड़ रुपये बतायी जा रही है। इनमें लगभग  200 कारों की बिक्री केवल पटना में हुई। बुद्धा टोयोटा के बिजनेस मैनेजर राजन वर्मा ने कहा कि उनके शो-रूम से कुल 29 गाड़ियों की डिलिवरी हुई। बाजार पिछले साल के विश्वकर्मा पूजा की तरह गुलजार रहा।

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