बिहार के मनीष सिंह को मिली बड़ी राष्ट्रीय जिम्मेदारी, IFFDC बोर्ड में एंट्री; भाजयुमो में भी अहम पद
भाजयुमो के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनीष सिंह को इफको की संस्था इंडियन फार्म फॉरेस्ट्री डेवलपमेंट को-ऑपरेटिव लिमिटेड (IFFDC) के निदेशक मंडल में सह-नामांकित निदेशक बनाया गया है।

बिहार के रहने वाले मनीष सिंह।
HighLights
मनीष सिंह IFFDC के निदेशक मंडल में सह-नामांकित निदेशक बने।
IFFDC किसानों के विकास और कृषि वानिकी में कार्यरत है।
यह नियुक्ति बिहार के किसानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
डिजिटल डेस्क, पटना। किसानों के विकास, कृषि वानिकी और वन संपदा के संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाली देश की प्रमुख सहकारी संस्था इफको (IFFCO) ने बिहार के मनीष सिंह को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
उन्हें इफको की संस्था इंडियन फार्म फॉरेस्ट्री डेवलपमेंट को-ऑपरेटिव लिमिटेड (IFFDC) के निदेशक मंडल में निदेशक (Co-opted Director) के रूप में सह-नामांकित किया गया है।
मनीष सिंह वर्तमान में भाजयुमो के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और गुजरात प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं। IFFDC की प्रबंध निदेशक माधवी एम. विप्रदास की ओर से इस बाबत पत्र जारी किया गया है।
25 सितंबर को बोर्ड की बैठक में सर्वसम्मति से फैसला
मनीष सिंह का सह-नामांकन 25 सितंबर 2026 को गुरुग्राम स्थित IFFDC मुख्यालय में आयोजित निदेशक मंडल की 129वीं बैठक में सर्वसम्मति से किया गया। बैठक में उन्हें निदेशक मंडल में शामिल किए जाने का निर्णय लिया गया।
IFFDC देशभर में वेस्टलैंड विकास, कृषि वानिकी और ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में काम कर रही है। संस्था का उद्देश्य कृषि और वन आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ किसानों और ग्रामीण समुदायों की आय के अवसरों को मजबूत करना है।
किसानों और पर्यावरण पर रहेगा फोकस
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद मनीष सिंह ने देश के सहकारिता मंत्री अमित शाह, IFFCO के अध्यक्ष दिलीप संघानी, IFFDC के अध्यक्ष, निदेशक मंडल, प्रबंध निदेशक और इफको के प्रति आभार जताया।
उन्होंने कहा कि किसान और पर्यावरण भारत का भविष्य हैं। उन्हें जो विश्वास और जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ करेंगे।
उन्होंने बिहार सहित देश के किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर काम करने की प्रतिबद्धता भी जताई। मनीष सिंह के IFFDC निदेशक मंडल में शामिल होने को बिहार के किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कृषि वानिकी, ग्रामीण आजीविका और बंजर भूमि के विकास जैसे क्षेत्रों में IFFDC की गतिविधियों का लाभ राज्य में भी विस्तार पा सकता है।
