'पुलिस ₹50 हजार मांग रही थी...'; पटना के थाने में युवक की मौत के बाद पत्नी का बड़ा आरोप, वायरल ऑडियो से हड़कंप
पालीगंज के सिगोड़ी थाना परिसर में हिरासत में लिए गए 35 वर्षीय अजय मांझी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो ...और पढ़ें
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सिगोड़ी थाने में फांसी लगा मृतक अजय मांझी और रोते-बिलखते स्वजन। फोटो जागरण
HighLights
हिरासत में लिए गए अजय मांझी की थाना परिसर में मौत।
पत्नी ने पुलिस पर 50 हजार मांगने और पिटाई का आरोप लगाया।
थानाध्यक्ष निलंबित, चौकीदार हटाया गया; मामले की जांच जारी।
जागरण टीम, पालीगंज, फुलवारीशरीफ। सिगोड़ी थाना पुलिस की हिरासत में पूछताछ के लिए लाए गए 35 वर्षीय अजय मांझी की थाना परिसर में मौत ने पुलिस की कार्यशैली और हिरासत में रखे व्यक्ति की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शनिवार रात करीब 8:30 बजे दो अन्य युवकों के साथ थाने लाए गए अजय को रविवार तड़के करीब चार बजे आगंतुक कक्ष से जुड़े बाथरूम में गमछे के फंदे से लटका पाया गया।
गंभीर हालत में उसे अनुमंडलीय अस्पताल पालीगंज ले जाया गया, जहां से एम्स पटना रेफर किया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
अजय गया जिले के चाकंद थाना क्षेत्र का निवासी था। उसके साथ महकार थाना क्षेत्र के बिजोपुर निवासी रंजन कुमार और जहानाबाद के इब्राहिमपुर निवासी विष्णुदयाल भी थे। एसपी पश्चिमी संकेत कुमार के अनुसार तीनों को कांड संख्या 173/26 में पूछताछ के लिए थाने लाया गया था।
पुलिस के अनुएक कमरे में रखा गया था। उसी कमरे में एनबीडब्ल्यू के मामले में गिरफ्तार कुछ अन्य आरोपित भी थे। निगरानी की जिम्मेदारी चौकीदार को दी गई थी।
थाने तक पहुंचने की दो बातें सामने आईं
अजय ठेकेदार अजय यादव की स्कार्पियो पहुंचाने के लिए रंजन और विष्णुदयाल के साथ जा रहा था। स्वजन के अनुसार रास्ते में स्कार्पियो की एक बाइक से टक्कर हुई। बाइक सवार ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद 112 की पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को वाहन समेत सिगोड़ी थाना ले गई।
वहीं, पुलिस के अनुसार तीनों चिकसी की ओर से स्कार्पियो से आ रहे थे। गश्ती कर रही पुलिस की जिप्सी को देखकर उन्होंने वाहन भगाया। पुलिस ने पीछा कर पालीगंज बाजार में तीनों को पकड़ा और पूछताछ के लिए थाने लाई।
पुलिस का कहना है कि चिकसी के ईंट-भट्ठा संचालक श्याम कुमार और शरद कुमार ने अजय पर बकाया राशि नहीं देने को लेकर आवेदन दिया था। इसी मामले में तीनों को पूछताछ के लिए लाया गया था। पुलिस के अनुसार भट्ठा मालिक से अजय का पहले से पैसे के लेन-देन का विवाद था।
50 हजार मांगने और पिटाई का आरोप
मृतक की पत्नी काजू देवी का आरोप है कि अजय ने देर रात फोन कर बताया था कि पुलिस 50 हजार रुपये मांग रही है। रुपये देने पर गाड़ी और तीनों को छोड़ने की बात कही जा रही थी। रात में इतनी बड़ी रकम का इंतजाम नहीं हो पाने के कारण उसने सुबह पैसे की व्यवस्था करने की बात सोची थी।
काजू देवी के अनुसार, अजय ने पुलिस द्वारा पिटाई किए जाने की बात भी फोन पर बताई थी। उनका आरोप है कि पूछताछ के दौरान पिटाई से अजय की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। मृतक के रिश्तेदार व जिला परिषद सदस्य दीपक मांझी ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
काजू देवी ने पति से हुई बातचीत का ऑडियो होने की बात कही है। प्रसारित ऑडियो में कथित तौर पर पैसे का इंतजाम करने की बात सुनाई देती है। बातचीत में पीछे से भी आवाज आने का दावा किया गया है।
अजय के किसी दूसरे व्यक्ति के मोबाइल से बात करने की बात भी ऑडियो में होने का दावा है। हालांकि, ऑडियो और उसमें लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मोबाइल किसका था और पैसे की बात कौन कर रहा था, इसकी भी जांच होगी।
दो युवकों के स्वजन ने बताया अलग घटनाक्रम
अजय के साथ थाने लाए गए रंजन कुमार और विष्णुदयाल के स्वजन के अनुसार दोनों की मुलाकात अजय से कुरवां बाजार में हुई थी। अजय ने दोनों से जहानाबाद घूमने चलने की बात कही थी।
दोनों उसके साथ चले गए, लेकिन स्वजन के अनुसार अजय जहानाबाद की बजाय चिकसी की ओर ले आया। इसके बाद तीनों को पुलिस ने पकड़ लिया।
इन सवालों के जवाब जांच में तलाशे जाएंगे
- हिरासत में रखे अजय की मौत की वास्तविक परिस्थिति क्या थी और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है?
- निगरानी में रखे गए युवक के पास गमछा कैसे पहुंचा और वह अकेले बाथरूम तक कैसे गया?
- घटना के समय ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और ओडी अफसर की निगरानी व्यवस्था कैसी थी?
- सड़क हादसे के बाद तीनों को थाना लाने और पुलिस जिप्सी देखकर भागने के दोनों घटनाक्रमों में वास्तविकता क्या है?
- 50 हजार रुपये मांगने और पिटाई के स्वजन के आरोपों की क्या सच्चाई है?
- प्रसारित ऑडियो में जिस दूसरे मोबाइल से बातचीत की बात है, वह मोबाइल किसका था और पैसे की बात कौन कर रहा था?
- पोस्टमार्टम और एफएसएल जांच से मौत के कारण तथा पिटाई के आरोपों को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं?
- थाना परिसर में पुलिस की निगरानी के बीच आखिर अजय फंदे तक कैसे पहुंचा?
थानाध्यक्ष किए गए निलंबित चौकीदार को भी हटाया गया
एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा, सिटी एसपी पश्चिमी संकेत कुमार और पालीगंज एसडीएम चंदन कुमार समेत वरीय अधिकारी सिगोड़ी थाना पहुंचे। एफएसएल की टीम ने घटनास्थल की जांच कर साक्ष्य जुटाए।
एसएसपी ने थानाध्यक्ष तनिस पायल को निलंबित कर दिया। चौकीदार विजय यादव को थाने से हटाते हुए उसके विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
ओडी अफसर और अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के घेरे में है। एसपी पश्चिमी संकेत कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मृत्यु का कारण फंदा लगाना प्रतीत हो रहा है। रेंज आइजी जितेंद्र राणा ने भी पूरे मामले की गहन जांच की बात कही है।
निगरानी के बावजूद बाथरूम तक कैसे पहुंचा अजय?
पुलिस के अनुसार रात में जब कमरे में मौजूद लोग सो रहे थे, उसी दौरान अजय कमरे से जुड़े बाथरूम में गया और गमछे से फंदा लगा लिया। तड़के करीब चार बजे ड्यूटी पर मौजूद चौकीदार ने इसकी जानकारी थानाध्यक्ष को दी।
यही घटनाक्रम पुलिस की हिरासत में सुरक्षा व्यवस्था पर सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। निगरानी में रखे गए युवक के पास गमछा कैसे पहुंचा? वह बाथरूम तक गया तो उस पर नजर क्यों नहीं रही? थाना परिसर में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद घटना का पता चलने में कितना समय लगा? इन बिंदुओं की जांच की जा रही है।
तीन मासूम बच्चों के सिर से उठ गया पिता का साया
एम्स में अजय की मौत की खबर मिलते ही पत्नी काजू देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर वह बार-बार यही कहकर बिलखती रहीं, "मुझे मेरे मालिक की शक्ल दिखा दो।" वह कई बार बेहोश हुईं।
आसपास मौजूद मां, मौसी, चाचा और भाई उन्हें संभालते रहे। सदमे में भाई भी बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। काजू के सामने अब तीन छोटे बच्चों के पालन-पोषण का सवाल है।
अजय के पीछे आठ वर्षीय बेटा दीपक, सात वर्षीय बेटी दिव्या और छह वर्षीय बेटा है। तीनों बच्चों को मां और स्वजन-पड़ोसियों के भरोसे छोड़कर परिवार के लोग एम्स पहुंचे थे।
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