पटना [राज्य ब्यूरो]। पेट्रोल व डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ कांग्रेस के आह्वान पर 10 सितंबर को भारत बंद के ऐन पहले पटना में महागठबंधन ने अपनी ताकत दिखाई। कांग्रेस, राजद, हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा, राकांपा, और समाजवादी पार्टी के साथ ही कुछ अन्य दलों के नेताओं ने सदाकत आश्रम में एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर केंद्र की नीतियों की जमकर आलोचना की। उन्‍होंने पेट्रोल व डीजल की बढ़ती कीमतों का ठीकरा केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के सिर फोड़ा और कहा सरकार जनता को हर तरफ से परेशान कर रही है। इसके खिलाफ भारत बंद किया जा रहा है।

कांग्रेस बोली: महंगाई से त्राहि-त्राहि अवाम

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कौकब कादरी ने कहा कि मोदी सरकार ने पेट्रोल डीजल पर टैक्स लगाकर साढ़े चार साल में 11 लाख करोड़ रुपये कमाए। आज पेट्रोल डीजल की कीमतें इतिहास में सबसे ऊंचे पायदान पर हैं। कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता सदानंद सिंह ने कहा कि पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों की वजह से देश का आम व्यक्ति, मध्यम वर्ग, किसान, ट्रांसपोर्टर और व्यापारी महंगाई के बोझ तले दब त्राहि त्राहि कर रहे हैं।

राजद का सवाल: क्‍या यही हैं अच्‍छे दिन?

राजद के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे ने कहा कि जिला कमेटियों को निर्देश दिए गए कि वे बंद की पूर्व संध्या पर मशाल जुलूस निकालें और बंद के दिन सड़कों पर उतर कर केंद्र की नीतियों का विरोध करें। इसके अनुसार देर शाम मशाल जुलूस निकाला गया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी अच्छे दिन का वादा कर सत्ता में आए थे, आज जनता उनसे पूछ रही है कि क्या यही हैं अच्छे दिन?

केंद्र की नाकामी से अवगत कराएगी जनता

हम के प्रदेश अघ्यक्ष वृषिन पटेल ने कहा कि उनकी पार्टी ने भी बंद को समर्थन दिया है और पार्टी कार्यकर्ता सोमवार को बंद के समर्थन में सड़क पर उतर कर जनता को केंद्र सरकार की नाकामी से अवगत कराएंगे। सपा के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार का पेट्रोल डीजल की कीमतों की वजह से जाना तय है।

बंद की सफलता का दावा

सभी दलों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि सोमवार को भारत बंद अद्वितीय रूप से सफल रहेगा। प्रेस कांफ्रेंस में राकांपा के साथ ही अन्य दल के प्रतिनिधि भी शामिल रहे। वामदल को न्यौता दिए जाने के बाद भी उनका कोई प्रतिनिधि प्रेस कांफ्रेंस में नहीं पहुंचा।

Posted By: Amit Alok