नालंदा इंजीनियरिंग कॉलेज में होगी M Tech की पढ़ाई, सात को मिलेगी विश्व बैंक से मदद
अब नए सत्र से नालंदा इंजीनियरिंग कॉलेज (चंडी) में भी एमटेक की पढ़ाई शुरू होगी। इसकी स्वीकृति ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआइसीटीई) ने दे दी है और इसकी सूचना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को दी है।

राज्य ब्यूरो, पटना। मुजफ्फरपुर के एमआइटी और भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के बाद अब नए सत्र से नालंदा इंजीनियरिंग कॉलेज (चंडी) में भी एमटेक की पढ़ाई शुरू होगी। इसकी स्वीकृति ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआइसीटीई) ने दे दी है और इसकी सूचना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को दी है। विभाग ने लोकनायक जयप्रकाश इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (छपरा), मोतिहारी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, गया इंजीनियरिंग कॉलेज और दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज में एमटेक की पढ़ाई शुरू कराने हेतु एआइसीटीई को प्रस्ताव भेजा है।
एमटेक व पीएचडी स्कॉलरशिप स्कीम भी होगी लागू
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मुताबिक एआइसीटीई ने अगले साल से इंजीनियरिंग कॉलेजों में शोध एवं पीएचडी की पढ़ाई भी शुरू करने की सहमति देने का भरोसा दिया है। इसके लिए मार्च में एआइसीटीई की टीम इंजीनियरिंग कॉलेजों में निरीक्षण करेगी और यह जानेगी कि शोध एवं पीएचडी की पढ़ाई के लिए कितने कॉलेजों में तैयारी है। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग की ओर से इंजीनियरिंग कॉलेजों में शैक्षणिक आधारभूत संरचना का कार्य पूरा करने का निर्देश प्राचार्यों को दिया गया है।
सात कॉलजों को विश्व बैंक से मदद
विश्व बैंक ने सात इंजीनियरिंग कॉलेजों को वित्तीय मदद दी है। विश्व बैंक ने भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज, एमआइटी मुजफ्फरपुर, गया इंजीनियरिंग कॉलेज, लोकनायक जयप्रकाश इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, छपरा, मोतिहारी इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडी इंजीनियरिंग कॉलेज और दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज को 10-10 करोड़ रुपये की मदद दी है। इस राशि से इंजीनियरिंग कॉलेजों में शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास पर कार्य हो रहा है। बताते चलें कि मुजफ्फरपुर के एमआइटी और भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में पहले से एमटेक करने की सुविधा है। अब नालंदा इंजीनियरिंग कॉलेज से भी एमटेक किया जा सकेगा। स्वीकृति ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआइसीटीई) ने दे दी है और इसकी सूचना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को दी है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मुताबिक एआइसीटीई ने अगले साल से इंजीनियरिंग कॉलेजों में शोध एवं पीएचडी की पढ़ाई भी शुरू करने की सहमति देने का भरोसा दिया है।

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