पटना, जेएनएन। राजधानी सहित आधा दर्जन से अधिक राज्यों में एक साल में 50 से अधिक एटीएम काटकर करोड़ों रुपये उड़ाने वाले गैंग गूगल मैप का सहारा लेते हैं। यह गिरोह गूगल मैप के जरिए उन्हीं एटीएम को निशाने पर लेता है, जो हाईवे के आसपास है और बिना सिक्योरिटी का है। एटीएम को गैस कटर से काटने वाले ऐसे आधा दर्जन गैंग हैं, जो घूम-घूमकर चोरी की घटना को अंजाम देते हैं। पटना पुलिस का भी मानना है कि एटीएम चोरी करने वाला गैंग अंतरराज्यीय है और इसमें हरियाणा का गैंग शामिल हो सकता है। गैंग की खास बात यह है कि यह उन एटीएम पर हाथ नहीं डालते जो कंक्रीट या कॉस्ट आयरन से बनी होती है। सिर्फ लोहा वाली एटीएम को ही काट कर यह कैश उड़ाते हैं।

एक हो गए कुरैशी से लेकर फकीर गैंग

पिछले एक साल में उत्तरप्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, हरियाणा और बिहार में चार दर्जन से अधिक एटीएम काटी जा चुकी है। कई बार गिरोह एटीएम ही उखाड़ कर साथ लेता गया। हरियाणा और यूपी पुलिस ने पिछले चार महीने में तीन गैंग को पकड़ा। फकीर गैंग यूपी के कानपुर से और कुरैशी गैंग हरियाणा में पकड़ा गया, लेकिन इन दोनों गैंग के सरगना पुलिस के हाथ नहीं आए। गैंग के सदस्यों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि आधा दर्जन से अधिक गैंग इस घटना को अंजाम दे रहे हैं। इनके नाम भले ही अलग-अलग है, मगर काम एक है- एटीएम काटकर चोरी करना। हरियाणा और यूपी पुलिस के रिकॉर्ड में अब तक कुरैशी गैंग, फकीर गैंग, इकराम गैंग और लतीफ गैंग का नाम सामने आ चुका है।

लोकल बदमाशों की लेते हैं मदद

गुरुग्राम एसटीएफ और कानपुर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गिरोह ने एमपी, हरियाणा, महाराष्ट्र के साथ गया, औरंगाबाद और पटना में भी वारदात को अंजाम दिया है। लोकल बदमाशों को चोरी की १५ फीसद राशि दी जाती है।

लोकल बदमाश भी हैं शामिल

जोनल आइजी नैय्यर हसनैन खान ने बताया कि एटीएम काटने में अंतर्राज्यीय गिरोह की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। इनके साथ कुछ लोकल बदमाश भी शामिल हैं। पटना पुलिस ने दूसरे राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया है। आसपास के इलाकों में दबिश भी दी जा रही है। जल्द ही पुलिस गिरोह का पर्दाफाश करेगी।

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