पटना, जागरण टीम। LJP News लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) में चार दिनों से मचे घमासान के बीच एक तरफ जहां एक गुट ने पशुपति पारस (Pashupati Kumar Paras) को राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष (National President) निर्वाचित घोषित कर दिया है, वहीं चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने इसे असंवैधानिक करार दिया है। दोनों गुटों में आर-पार की लड़ाई के अगले चरण में आज दोनों गुट चुनाव आयोग से मिले। पारस गुट ने चुनाव आयोग को कार्यसमिति की सूची नहीं सौंपी। जबकि, चिराग गुट ने 77 सदस्‍यों के नाम साैंपे। अब कौन गुट असली एलजेपी, इसका फैसला चुनाव आयोग करेगा उधर, चिराग पासवान ने दिल्ली में रविवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है।

चुनाव आयोग से मिले एलजेपी के दोनों गुट

एलजेपी के दोनों गुट आज चुनाव आयोग से मिले। उन्‍होंने आयोग के समक्ष अपने-अपने पक्ष रखे। पारस गुट ने कार्यसमिति की सूची नहीं सौंपी। इस बाबत पशुपति पारस ने कहा कि वे जल्द ही कार्यसमिति की सूची आयोग को देंगे। फिलहाल राष्ट्रीय अध्यक्ष का नियुक्ति पत्र और पार्टी संविधान की प्रति आयोग को सौंपी है। उधर, चिराग पासवान ने चुनाव आयोग के पास अपनी अर्जी दाखिल कर कार्यसमिति के सभी 77 सदस्यों के नाम वाली सूची सौंपी। चिराग ने आयोग से आग्रह किया कि वह दूसरे पक्ष का नहीं सुने, क्‍योंकि एलजेपी संवैधानिक रूप से उनकी पार्टी है। अब सबकी नजरें आयोग के फैसले पर टिकी हैं।

चिराग का सवाल: केवल नौ लोग कैसे चुन सकते हैं अध्‍यक्ष?

चिराग पासवान के अनुसार पशुपति कुमार पारस को पार्टी अध्यक्ष बनाने के लिए बुलाई गई बैठक असंवैधानिक थी। इसमें राष्ट्रीय कार्यकारी के सदस्यों की न्यूनतम उपस्थिति तक नहीं थी। चिराग के अनुसार राष्ट्रीय कार्यकारिणी के 90 से अधिक सदस्‍यों में से केवल नौ ने पारस को अध्यक्ष चुना। चिराग पासवान ने बताया कि एलजेपी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर पारस गुट द्वारा पार्टी के चुनाव चिह्न और झंडे के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की है।

अब चिराग ने बुलाई कार्यकारिणी की बैठक, बिहार भी आएंगे

अब चिराग पासवान ने रविवार को दिल्‍ली में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है। इसमें बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। इसके पहले चिराग को लोकसभा अध्‍यक्ष को भेजे अपने पत्र के जवाब का इंतजा रहेगा, जिसमें उन्‍होंने पारस को संसदीय दल के नेता पद से हटाते हुए खुद को नेता बनाने की मांग की है। माना जा रहा है कि इसके बाद चिराग पासवान सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। चिराग बिहार में अपने समर्थकों को एकजुट करने व पार्टी को मजबूती देने की कोशिश के तहत कुछ दिनों में बिहार भी आ सकते हैं।

Edited By: Amit Alok