पटना, कुमार रजत। बिहारीपन को अपनी पहचान बताने वाले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करीब चार साल बाद बुधवार को 'अपने बिहार' पहुंंचे। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनका दूसरा और सबसे लंबा बिहार दौरा है। यूं तो वह बिहार विधानसभा भवन के शताब्दी समारोह में शामिल होने आए हैं। इसके अलावा वे पटना के महावीर मंदिर और पटना साहिब गुरुद्वारा भी जाएंगे। राष्ट्रपति बुधवार की दोपहर एक बजे पटना एयरपोर्ट पहुंचे और शुक्रवार की सुबह 11 बजकर पांच मिनट पर दिल्ली वापसी करेंगे। इस दौरान करीब 46 घंटे तक वे राजधानी में अपना वक्त गुजारेंगे। बिहार के जिस राजभवन में रहते हुए उन्हें राष्ट्रपति बनने का सौभाग्य मिला, उसी राजभवन में उनके ठहरने की व्यवस्था की गई है।

पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीशों से की मुलाकात

बिहार विधानसभा शताब्‍दी समारोह के लिए राष्‍ट्रपति रामनाथ काेविंद ठीक एक बजे पटना एयरपोर्ट पहुंचे। वहां राज्‍यपाल फागू चौहान, विधानसभा अध्‍यक्ष विजय सिन्‍हा, मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार एवं नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव सहित कई मंत्रियों व नेताओं उनका स्‍वागत किया। वहां से वे सीधे राजभवन पहुंचे। वहां शाम में उन्‍होंने राजभवन परिसर में ही पटना हाई कोर्ट के न्यायाधीशों व उनकी पत्नियों से मुलाकात की।

आज सवा घंटे का होगा विधानसभा शताब्दी समारोह

बिहार विधानसभा भवन के शताब्दी समारोह का मुख्य कार्यक्रम गुरुवार संपन्‍न हुआ। इस दौरान राष्‍ट्रपति ने विधानसभा परिसर में बनाए गए शताब्दी स्मृति स्तंभ का शिलान्यास किया। इसके साथ ही परिसर में बोधि वृक्ष का पौधा भी लगाया। इस दौरान राज्यपाल फागू चौहान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आगे शाम में 7:30 बजे बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा के दो, देशरत्न मार्ग स्थित आवास पर सांस्कृतिक कार्यक्रम और रात्रि भोज का आयोजन किया गया है, जिसमें राष्ट्रपति शिरकत करेंगे।

शुक्रवार की सुबह जाएंगे महावीर मंदिर व गुरुद्वारा

अपनी यात्रा के तीसरे दिन यानी शुक्रवार को राष्ट्रपति सुबह आठ बजकर 10 मिनट पर पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर और इसके तुरंत बाद आठ बजकर 40 मिनट पर पटना साहिब गुरुद्वारा का दर्शन करेंगे। इसी दिन सुबह 11 बजकर 15 मिनट पर वह पटना एयरपोर्ट से विशेष विमान से दिल्ली लौट जाएंगे।

राष्ट्रपति ने कहा था, बिहारीपन ही मेरी पहचान

राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द का बिहार से विशेष लगाव रहा है। इसके पहले नवंबर, 2017 में वह कृषि रोड मैप के कार्यक्रम में बिहार आए थे। तब वे मात्र पांच घंटे ही बिहार में रहे थे। वह दौरा राष्ट्रपति बनने के महज चार महीने बाद ही था। उस दौरान भी उन्होंने बिहार के प्रति अपने लगाव का खुलकर इजहार किया था। उन्होंने तब कहा था कि राज्यपाल के रूप में काम करते हुए मुझे बिहार के हर वर्ग से जो स्नेह मिला, उसे मैं जीवनभर याद रखूंगा। बिहारीपन ही मेरी पहचान है।

Edited By: Amit Alok